Transformer tests in Hindi | ट्रांसफार्मर टेस्टिंग

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आज के Transformer tests in Hindi इस आर्टिकल में हम transformer की जाँच के लिए की जाने वाले कुछ टेस्ट जैसे की open circuit test या उसे नो लोड टेस्ट भी कहा जाता है और दूसरी short circuit test या इम्पेडंस टेस्ट के बारेमे अच्छे से जानने वाले है |

इससे पहलीक आर्टिकल में हमने transformer oil testing in hindi में आयल टेस्टिंग के बारेमे जानकारी ली है अगर आपको उसके बारेमे पढना है तो लिंक पर क्लिक कर सकते है या सर्च में transformer oil testing भी सर्च कर सकते है |

Transformer tests in Hindi (ट्रांसफार्मर टेस्टिंग):-

अगर ट्रांसफार्मर के परफॉरमेंस को कैलकुलेट करना हो तब एक सर्किट कि मदद से जिसमे चार मुख्य पैरामीटर होते है जो कि resistance R₀₁ प्राइमरी या सेकेंडरी का, equivalent leackage reactance X₀₁ प्राइमरी का और सेकेंडरी का, core loss conductance G₀ (और resistance R₀) और magnetising susceptance B₀ ( और reactance X₀) इन सभी पैरामीटर को हम दो टेस्ट से कैलकुलेट कर सकते है |

  1. Open circuit test
  2. Short circuit test

ये दोनों टेस्ट बोहोत कम खर्चीली याने economic और आसान है, क्यू की इन टेस्ट को करने के लिए ट्रांसफार्मर किसी तरह का लोड देने की जरुरत नहीं पड़ती है |

Open circuit test in hindi (No-load test) (ओपन सर्किट टेस्ट):-

इस टेस्ट के करने का उद्देश्य यह होता है की इस टेस्ट की मदद से नो लोड लोस्सेस और कोर लोस को कैलकुलेट किया जा सके है |

इस टेस्ट में एक विन्डिंग जो की ज्यादा वोल्टेज वाली या फिर कम वोल्टेज वाली हो सकती है जिसका इस्तेमाल करना आसान हो उसे ओपन याने की खुला रखा जाता है और दुसरे तरफ सप्लाई को दिया जाता है जो की नार्मल सप्लाई होता है और उसकी फ्रीक्वेंसी भी समे याने 50Hz होती है |

इसके लो वोल्टेज वाइंडिंग में कुछ electrical measuring device जैसे की wattmeter W, voltmeter V, और ammeter A को जोड़ा जाता है जैसे की हम निचे दिखाए चित्र में देख सकते है इन मीटर का कनेक्शन किस तरह से किया जाता है वह भी हम चित्र में देख सकते है |

Transformer tests in Hindi
Transformer tests in Hindi

जैसे ही सामान्य वोल्टेज को प्राइमरी साइड के वाइंडिंग में दिया जाता है तब कोर में भी सामान्य फ्लक्स ही उत्पन्न होते है, उसकी वजह से सामान्य आयरन लोस होते है और वह wattmeter में रेकॉर्ड हो जाते है या दर्शाए जाते है |

प्राइमरी में नो लोड करंट I0 कम होता है उसकी वजह से Cu लोस्सेस एकदम न के बराबर हो जाते है और सेकेंडरी में कुछ भी Cu लोस्सेस नहीं होते है क्यू की वह ओपन होता है |

उसकी वजह से जो wattmeter में रीडिंग दिखाई देती है वह वह कोर लोस होते है जब सेकेंडरी ओपन होती है याने की नो लोड स्थिति |

कभी कभी high resistance voltmeter को सेकेंडरी साइड में लगाया जाता है, voltmeter में सेकेंडरी वाइंडिंग के induced e.m.f दिखाई देता है इसकी मदद से हम ट्रांसफॉर्मेशन रेश्यो याने की K को जान सकते है |

Short circuit test in hindi (Impedance test) (शोर्ट सर्किट टेस्ट):-

इस टेस्ट की मदद से बोहोत इकोनोमिकल याने कम खर्चे में कुछ वैल्यू याने मात्रा का पता लगा सकते है जो की हम निचे देख सकते है |

1. ट्रांसफार्मर का Equivalent impedance (Z₀₁ और Z₀₂),Leakage reactance (X₀₁ और X₀₂)और total resistance (R₀₁ और R₀₂).

2. फुल लोड पर या किसी इच्छित लोड पर Cu लोस्सेस का पता लगाना इसकी मदद से ट्रांसफार्मर की इफिशिएंसी का पता लगाया जा सकता है |

3.उसके बाद इस टेस्ट से हम कुल वोल्टेज ड्राप को भी माप सकते है इसकी मदद से ट्रांसफार्मर का रेगुलेशन निकाल सकते है |

इस टेस्ट में ज्यादा तर लो वोल्टेज वाइंडिंग को शोर्ट किया जाता है शोर्ट करने के लिए मोटे कंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है |

ट्रांसफार्मर के सर्किट टेस्ट का चित्र हम निचे देख सकते है |

Transformer tests in Hindi
Transformer tests in Hindi

प्राइमरी में बोहोत कम वोल्टेज को दिया जाता है और उस वोल्टेज को बढाया जाता है जब तक प्राइमरी और सेकेंडरी में फुल लोड करंट जाता है |

इस टेस्ट में कम परसेंटेज वोल्टेज कैस्तेमल किया जाता है और इसमे mutual flux उत्पन्न होते है वो भी कम होते है, इसकी वजह से कोर लोस भी कम होते है शर्ट सर्किट टेस्ट का equivalent सर्किट को हम निचे देख सकते है |

Transformer tests in Hindi
Transformer tests in Hindi

FAQ related to open and short circuit tests of transformer:-

  1. ट्रांसफार्मर में ओपन सर्किट टेस्ट क्यू परफॉर्म की जाती है?

    इस टेस्ट से ट्रांसफार्मर का नो लोड इम्पेडंस पता लगता है (नो लोड लोस और कोर लोस) |

  2. सिंगल फेज ट्रांसफार्मर में ओपन सर्किट और शोर्ट सर्किट टेस्ट क्यू की जाती है ?

    ट्रांसफार्मर की एफिशिएंसी और रेगुलेशन को कैलकुलेट करने के लिए |

  3. ओपन सर्किट टेस्ट करने के लिए लो वोल्टेज का इस्तेमाल क्यू किया जाता है ?

    कोर में जितने फ्लक्स उत्पन्न होने की जरुरत होती है उतने फ्लक्स लो वोल्टेज में भी उत्पन्न हो जाते है इसलिए लो वोल्टेज का इस्तेमाल किया जाता है |

  4. ट्रांसफार्मर में नो लोड का मतलब क्या होता है?

    नो लोड का मतलब ट्रांसफार्मर के सेकेंडरी साइड की वाइंडिंग ओपन होती है |

  5. ट्रांसफार्मर का शोर्ट सर्किट टेस्ट क्यू किया जाता है?

    ट्रांसफार्मर के फुल लोड पर कॉपर लोस को कैलकुलेट करने के लिए |

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