Motor in Hindi, types of motor, मोटर क्या होती है ?

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तो दोस्तों आज के motor in hindi इस आर्टिकल में हम मोटर के बारेमे जानने वाले है, जैसे की मोटर के कितने प्रकार होते है ?,मोटर किस तरह से कम करती है ? साथी साथ इसका इस्तेमाल कहा पर किया जाता है, मोटर के फायदे नुकसान भी जानेंगे।

motor in Hindi, motor kya hoti hai
Motor in Hindi

मोटर क्या है ? मोटर कितने प्रकार की होती है ? What is motor and types of motor


आज अगर देखा जाये तो बोहोत सारी उपकरणों में मोटर का इस्तेमाल किया जाता है ताकि कोई भी कम आसानी से और जल्दी हो जाये, घरो में फैक्ट्री में, खिलोनो में . छोटी सी छोटी चीजो से लेकर बड़ी बड़ी संरचना में मोटर का इस्तेमाल बोहोत जादा तौर पर किया जाता है।

motor क्या होता है? (what is Motor in Hindi?)

मोटर एक ऐसा उपकरण है जिसका इस्तेमाल करके एलेक्टक्ट्रिकल उर्जा को मैकेनिकल उर्जा में रूपांतरित किया जाता है।
इसे अगर आसान भाषा में समजना हो तो हम यह बोल सकते है की जब मोटर को इलेक्ट्रीकल सप्लाई दिया जाता है तब मैग्नेटिक फील्ड की वजह से रोटर घुमाने लगता है उस घूमने वाले शाफ़्ट का इस्तेमाल दूसरी चीजो को करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Motor कैसे काम करती है (Working principle of motor in hindi)


मोटर में दो मुख्य पुर्जे हा हिस्से होते है .
1)Stator (स्टेटर )
2)Rotor (रोटर)

मोटर के बोहोत सारे प्रकार होते हे उसके हिसाब से उनमे अलग और पार्ट्स लगते है लेकिन स्टेटर और रोटर मुख्य पुर्जे है . जैसे की नाम से ही पता चल रहा है की स्टेटर स्थायी रहता है और रोटर घूमता है। इलेक्ट्रीकल सप्लाई को स्टेटर वाइंडिंग में जोड़ा जाता है।

मोटर का कार्य सिधान्त क्या है ? (Working principle of motor) :-

जब स्टेटर को सप्लाई दिया जाता है स्टेटर वाइंडिंग में मैग्नेटिक फ्लक्स उत्पन्न हो जाती है यह मैग्नेटिक फ्लक्स रोटर के साथ लिंक हो जाता है और उसकी वजह से रोटर घूमने लगता है। इसी तरह में इलेक्ट्रीकल उर्जा मैकेनिकल उर्जा में रूपांतरित हो जाती है।

मोटर के भाग Motor

  • Stator (स्टेटर)
  • Rotor (रोटर)
  • Stator Winding (स्टेटर वाइंडिंग )
  • Rotor Winding (रोटर वाइंडिंग)
  • Shaft (शाफ़्ट)
  • Bearing (बेअरिंग)
  • Brush (ब्रश)
  • Terminal Box (टर्मिनल बॉक्स)
  • Frame (फ्रेम)
  • End bracket(एंड ब्रैकेट)
  • Commutator (कम्यूटेटर)
  • EyeBolt (ऑय बोल्ट)
  • Fan (फेन)
  • Fan cover(फेन कवर)

Motor के प्रकार (Types of Motor):-

motor in hindi
Motor in hindi

मुख्यतौर पर मोटर के तिन प्रकार होते है (Motor in hindi)
1) AC motor (एसी मोटर)
2) DC motor (दिसी मोटर)
3) Special motor (स्पेशल मोटर)

AC motor के प्रकार:-

  1. induction motor (इंडक्शन मोटर):- (थ्री फेज और सिंगल फेज) (Split phase induction motor)
  2. Synchronous motor (सिंक्रोनस मोटर)

DC motor के प्रकार:-

  1. DC shunt motor (दिसी शंट मोटर)
  2. DC Series motor (दिसी सीरीज मोटर)
  3. Separately Excited motor (सेपरेटली एक्स्सिटेड मोटर)
  4. PMDC motor
  5. Compound Motor

Special motor के प्रकार:-

  1. Stepper motor (स्टेपर मोटर)
  2. Universal motor (यूनिवर्सल मोटर)
  3. Brushless motor (ब्रशलेस मोटर)
  4. Hysterisis motor (हिस्तेरीसिस मोटर)
  5. Reluctance motor (रेलक्टांस मोटर)

Dc Motor जैसे की नाम से ही पता चल रहा है की यह मोटर सिर्फ डीसी करंट की मदद से ही चलती है। अगर देखा जाये तो मोटर के इस प्रकार की खोज सुरुवाती दिनों में की गयी थी,जिसमे रोटेटिंग टार्क को उत्पन्न करने के लिए करंट के बहाव को मैग्नेटिक फिल्डके अन्दर से गुजरा जाता है।
दूसरी AC motor जिनको चलने के लिए alternating current का इस्तेमाल किया जाता है।

मोटर के उपयोग (Application of motor):-

  • Fan (फेन)
  • ब्लोअर
  • Turbines में
  • पॉवर टूल्स में
  • मशीन टूल्स
  • शिप में
  • ट्रेन में
  • Boiler में
  • AC, हीटिंग कुलिंग, वेंटीलेटिंग साधनों में
  • गाडियों में ,
  • घर के बोहोत सारे साधनों में
  • खिलोनो में इस्तेमाल किया जाता है।

मोटर के फायदे (Benefits of motor):-

  1. Motor के चलने क life span ज्यादा होता है।
  2. मोटर का मूल्य भी कम होता है।
  3. इनके इस्तेमाल की वजह से प्रदुषण नहीं होता है।
  4. इनकी कार्य क्षमता बोहोत ज्यादा होती है साथी साथ इन्हे ऑटोमेटेड भी किया जा सकता है।
  5. इन मोटर का कार्य सिधांत बोहोत सरल होता है।
  6. यह कोनसे भी स्थिति में अच्छे से काम कर सकती है साथी साथ इनकी बनावट बोहोत मजुबुत होती है।
  7. मोटर में कम घुमाने वाले हिस्से होते है उसके कारन मोटर ज्यादा समय तक चलती है।

मोटर के नुकसान या दोष (Draback of motor):-

  1. इंडक्शन मोटर के गति को नियंत्रण करना कठिन होता है।
  2. यह मोटर कम पॉवर फैक्टर पर काम करती है उसकी वजह से इसमे ज्यादा कॉपर लोस होते है उसकी वजह से एफिशिएंसी भी कम हो जाती है।
  3. सिगल फेज मोटर सेल्फ स्टार्टिंग नहीं ओटी है, इन्ही स्टार्ट करने के लिए अतिरिक्त स्टार्टिंग टार्क की जरुरत होती है।
  4. इन मोटर का इस्तेमाल उस जगह पर नहीं किया जा सकता है जहा पर भारी सामान को उठाना होता है या फिर ट्रैक्शन में।
  1. मोटर क्या है हिंदी में ?(What is motor ?)

    इलेक्ट्रिकल मोटर या विद्युत मोटर एक विद्धुयंत्रिक मशीन होती है जिसकी मदद से विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा याने की मैकेनिकल एनर्जी में रूपांतरित करती है। यह पूरी प्रक्रिया करने के लिए स्टेटर और रोटर की जरुरत होती है स्टेटर में स्टेटर वाइंडिंग होती जब स्टेटर को विद्युत सप्लाई दी जाती है तब तब स्टेटर में फ्लक्स उत्पन्न होते है यह फ्लक्स रोटर को घूमते है।

  2. मोटर कितने प्रकार के होते है (Type of motor )

    मोटर के मुख्य 2 प्रकार होते है एक AC मोटर और दूसरा DC मोटर।

  3. थ्री फेज मोटर कितने प्रकार की होती है (Type of three phase motor)

    थ्री फेज मोटर 2 प्रकार की होती है -1 Squirrel cage (स्क्वीरल केज मोटर) 2) Slip ring induction motor (स्लिप रिंग इंडक्शन मोटर)

  4. मोटर के कितने हिस्से होते है ? (Parts of motor)

    स्टेटर( Stator ) रोटर (rotor )

  5. स्टार्टर कितने प्रकार के होते है ? (What are different types of starter ?)

    D.O.L starter(डायरेक्ट ओन लाइन स्टार्टर), Star Delt Starter(स्टार डेल्टा स्टार्टर), Rotor resistance starter(रोटर रेजिस्टेंस स्टार्टर), Auto transformer starter(ऑटो ट्रांसफार्मर स्टार्टर), star delta starter(स्टार डेल्टा स्टार्टर)

  6. यूनिवर्सल मोटर क्या होती है ? (What is universal motor ?)

    यूनिवर्सल मोटर इस तरह की मोटर होती है जो की AC सप्लाई साथी साथ DC सप्लाई से भी चलती है

  7. मोटर में बैरिंग गरम या हॉट क्यू होती है ?(What are causes of hot bearing?)

    तेल की कमी के कारन, बेअरिंग ज्यादा कसी हुई या फिर एक लाइन में न होना, बेल्ट बोहोत ज्यादा कसा हुआ होना।

  8. हिस्टेरिसिस लूस किसपर निर्भर होता है ?

    Frequency, Flux density, कोर में से आयरन की क्वालिटी और मात्रा कितनी है इसपर हिस्टेरिसिस लोस्स निर्भर करता है।

  9. मोटर के फायदे या लाभ कोनसे है (What are the benifis or advantages of motor ?)

    इलेक्ट्रिकल मोटर की कार्यक्षमता ज्यादा होती है।
    इस मोटर में किसी प्रकार के तरल ईंधन की जरुरत नहीं होती है।
    इस मोटर से प्रदुषण नहीं होता है।
    मोटर के लिए ज्यादा देखभाल करने की जरुरत नहीं होती है।
    इलेक्ट्रिकल मोटर बोहोत ज्यादा ठण्ड में भी जमती नहीं है और अच्छे से काम करती रहती है।
    इस मोटर का सुरुवाती मूल्य कम होता है।
    मोटर में कम हिलने वाले हिस्से याने मूविंग पार्ट होते है उसकी वजह से मोटर के काम करने का कार्यकाल लम्बा होता है साथी साथ यह मोटर मजबूत होती है।

  10. मोटर के नुकसान क्या है ? (Waht are the disadvantages of motor ?)

    सिंगल फेज मोटर सेल्फ स्टार्टिंग नहीं होती है।
    जंहा पर ज्यादा स्टार्टिंग टार्क की जरुरत होती है वहा पर इस तरह के मोटर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
    अगर dc मोटर है तो उसके ब्रश को कुछ समय के बाद बदलना पड़ता है।

  11. मोटर का इस्तेमाल कहा पर किया जाता है ?(Application of Motor)

    इंडस्ट्रीज में, घरेलु उपकरणों में, लेथ मशीन में, ग्राइंडर, खिलोनो में, मशीन टूल्स में, ड्रिलिंग मशीन में,ट्रैन, कन्वेयर, लिफ्ट में, पम्पस में ।

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