Induction motor in Hindi| इंडक्शन मोटर कार्य सिद्धांत, प्रकार,उपयोग

0
798

तो दोस्तों Induction motor in Hindi इस आर्टिकल में हम इंडक्शन मोटर क्या है इसकी बनावट किस तरह की होती है यह जानने वाले है | साथी साथ इसका कार्य सिद्धांत क्या है, इसका इस्तेमाल कहा पर किया जाता है और इसके फायदे नुकसान के बारेमे भी जानकारी लेंगे |

Induction motor in Hindi
Induction motor in Hindi

Induction motor in Hindi (इंडक्शन मोटर क्या है ?):-

दुनिया भर में अगर देखा जाये तो AC सिस्टम का ही इस्तेमाल ज्यादा तर किया जाता है क्यू की इसके कुछ फायदे है साथी साथ ac सिस्टम का इस्तेमाल लाइटिंग और पॉवर के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है |

अभि अगर देखा जाये तो इंडक्शन मोटर का इस्तेमाल बोहोत बढ़ गया है इसकी वजह से induction motor की मांग बढ़ी है उसके कारन मोटर बनाने वाले कंपनी को ज्यादा प्रकार में और ज्यादा कार्यक्षम मोटर देना अनिवार्य होगया है, क्यू की यह मोटर सिंगल फेज साथी साथ थ्री फेज में भी बनती है |

इंडक्शन मोटर के बोहोत सारे प्रकार है जो की कार्य सिद्धांत, करंट, गति और बनावट के हिसाब से है जिनको हम निचे देख सकते है |

Type of motor (मोटर के प्रकार):-

1. Depending upon principle of operation (संचालन के सिद्धांत के आधार पर):-

A) Synchronous motors:-

ⅰ) Plain synchronous motor

ⅱ) Super synchronous motor

B) Asyncronous motors :-

a) induction motors:-

ⅰ) Squirrel cage I.M:- (Single, Double)

ⅱ) Slip ring I.M:- (external resistance)

b) Commutator motors:-

ⅰ) Series commutator motor:- (Single phase, universal)

ⅱ) Compensated commutator motor:- (Conductively, inductively)

ⅲ) Shunt motor:- (Simple, compensated)

ⅳ) Repulsion motor:- (straight, compensated)

ⅴ) Repulsion-start induction

ⅵ) Repulsion induction

2) Depending upon type of current ( करंट के आधार पर):-

ⅰ) Single phase

ⅱ) Three-phase

3) Depending upon the speed ( गति के आधार पर):-

ⅰ) Constant speed

ⅱ) Variable speed

ⅲ) Adjustable speed

4) Depending upon structural features (बनावट के आधार पर ):-

ⅰ) Open

ⅱ) Enclosed

ⅲ) Semi-enclosed

ⅳ) Ventilated

ⅴ) Pipe-ventilated

ⅵ) Riverted frame

Working principle of induction motor (इंडक्शन मोटर का कार्य सिद्धांत):-

अगर साधारण तौर पर देखा जाये तो इलेक्ट्रिकल पॉवर को मैकेनिकल पॉवर में बदलने के लिए मोटर के रोटेटिंग पार्ट्स याने की घुमाने वाले हिस्सों का इस्तेमाल होता है |अगर dc motor की बात की जाये तो उसमे इलेक्ट्रिक पॉवर डायरेक्टली आर्मेचर में कंडक्ट हो जाती है उसमे ब्रश और कम्यूटेटर का सहारा लिया जाता है |

इसी लिए dc motor को conduction motor कहा जाता है और ac motor को induction motor. इसका काम उसी तरह से होता है जैसे की 2 वाइंडिंग वाले transformer में होता है, इसी लिए इन मोटर को इंडक्शन मोटर कहा जाता है |

उसी तरह से अगर देखा जाये तो इंडक्शन मोटर को रोटेटिंग ट्रांसफार्मर की तरह व्यवहार करती है |

Why does rotor rotate? ( रोटर क्यू घुमाता है?):-

जब 3 फेज स्टेटर वाइंडिंग को 3 फेज ac सप्लाई दिया जाता है तब मैग्नेटिक फ्लक्स उत्पन्न होती है जिनका magnetude एकसमान होता है लेकिन वह सिंक्रोनस स्पीड याने एक जैसे गति पर घुमती है | जो फ्लक्स उत्पन्न होती है वह एयर गैप में से बहती है और रोटर कंडक्टर को कट करती है |

स्टेटर के स्तेसनरी कंडक्टर में रोटेटिंग फ्लक्स में गति होती है उसकी वजह से e.m.f उत्पन्न हो जाता है जैसे की faradays laws में होता है |

उत्पन्न हुए E.m.f और सप्लाई की फ्रीक्वेंसी एक समान होती है | e.m.f की वजह से रोटर कंडक्टर में फ्लक्स लिंकेज होता है और उसी की वजह से रोटर भी घुमाने लगता है |

Construction of induction motor (इंडक्शन मोटर की बनावट):-

इंडक्शन मोटर में दो मुख्य हिस्से होते है जो को स्टेटर और रोटर होते है |

Stator(स्टेटर):-

इंडक्शन मोटर के स्टेटर का कार्यसिधान्त synchronous motor या synchronous generator के तरह ही होता है | इसको बनाने के लिए बोहोत सारे स्टम्पिंग का इस्तेमाल किया जाता है, और उन्हें स्लॉट में बनाया जाता है ता की उनके बिच में वाइंडिंग को रखा जा सके |

स्टेटर में 3 फेज वाइंडिंग को लगाया जाता है उसी में 3 फेज सप्लाई को जोड़ा जाता है |यह वाइंडिंग पोल के ऊपर वौण्ड की होती है पोल की संख्या कितनी होगी यह गति के ऊपर निर्भर करता है |

अगर पोल ज्यादा होंगे तो गति कम हो जाएगी और अगर पोल कम हुए तो गति गति ज्यादा होगी |

जब स्टेटर वाइंडिंग को सप्लाई दिया जाता है तब मैग्नेटिक फ्लक्स उत्पन्न होता है और इस फ्लक्स का magnetude एकसमान होता है और यह फ्लक्स रोटेटिंग मोशन में होते है |

Rotor(रोटर):-

रोटर दो प्रकार के होते है एक squirrel cage rotor और phase-wound या wound rotor साथी साथ और भी जरुरी चीजे भी होती है जैसे की फ्रेम, स्टेटर और रोटर कोर, स्टेटर रोटर वाइंडिंग, एयर गैप, शाफ़्ट बेअरिंग, फैन

1.Squirrel cage rotor:-

अगर देखा जाये तो लगभग 90% इंडक्शन मोटर में squirrel cage rotor होता है, क्यू की इस प्रकार के रोटर की बनावट बोहोत आसान होती है साथी साथ यह बोहोत मजबूत भी होती है |

इस प्रकार के रोतोर्की की बनावट के लिए cylindrical lamination core और उसी के साथ parallel slot भी बने होते है रोटर कंडक्टर को उनमे लगाया जा सके इसमे रोटर कंडक्टर के लिए वायर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है उसकी जगह कॉपर, अल्लुमिनियम या फिर एलाय का के बार का इस्तेमाल किया जाता है |

हर स्लॉट में एक बार को लगाया जाता है, इन रोटर बार के आखरी भाग को electrical welding या बोल्ट से एक एंड रिंग पर कस दिया जाता है और उन सबको शोर्ट सर्किट याने सभी को जोड़ दिया जाता है |

एक बात यहाँ पर ध्यान देनी चाहिए इसके रोटर के बार हमेशा शोर्ट सर्किटेड ही रहेंगे | इसलिए इसमे बाहरी रेजिस्टेंस को लगाना संभव नहीं होता है ताकि मोटर स्टार्ट हो सके |

2.Phase wound rotor:-

इस तरह के रोटर में में 3 फेज वाइंडिंग जो की डबल लेयर होती है साथी साथ डिस्ट्रिब्यूटेड वाइंडिंग किएल होती है जैसे की alternator में होती है | इस रोटर में एक तरफ की वाइंडिंग अन्दर ही स्टार में जुड़ी होती है और दुसरे तरफ के सिरे बहार निकाले जाते है |

उन बहार निकले सिरों को तीन इंसुलेटेड स्लिप रिंग पर जोड़ा जाता है जो की शाफ़्ट के ऊपर लगी होती है जिनको ब्रुशेष की मदद से लगाया जाता है |यह तिन ब्रुशेष थ्री फेज स्टार कनेक्टेड rheostat से जुड़े होते है |

3. Frame :-

फ्रेम को बनाने के लिए close-grained alloy cast iron का इस्तेमाल किया जाता है | फ्रेम का इस्तेमाल स्टेटर वाइंडिंग को सहारा देने के लिए और शाफ़्ट को बेअरिंग की मदद से सहारा देता है |

साथी साथ फ्रेम पर ही फूट लगे होते है जिसकी मदद से मोटर को एक जगह पर रखा जा सकता है और इसके ऊपर ही कनेक्शन केलिए बोर्ड लगा हुआ होता है |

4. Stator and Rotor core :-

इसको बनान के लिए बोहोत ही अच्छे क्वालिटी का किसमे काम लोस होते है ऐसा silicon steel lamination का इस्तेमाल किया जाता है जो की दोनों तरफ से फ्लैश एनामेल्ड किया हुआ होता है |

5. Stator and rotor windings :-

इन वाइंडिंग को insulate करने के लिए moisture proof mica और अच्छे क्वालिटी के वार्निश का इस्तेमाल किया जाता है | इनको बोहोत ही अच्छे तरह से लगाया जाता है ताकि वहा पर अच्छे से हवा आ जा सके और साथी साथ शोर्ट सर्किट का खतरा भी ना हो सके |

6. Air gap :-

इसका स्टेटर और मोटर का पूरा ढांचा ही इस तरह से डिजाईन किया जाता है ताकि उसमे थोड़ी जगह बच जाये ताकि वहा से हवा आसानी ने बहार जा सके और अन्दर की हवा आसानी से बहार जा सके |

7. bearing and shaft:-

इंडक्शन मोटर में बॉल बेअरिंग या फिर रोलर बेअरिंग का इस्तेमाल किया जाता है ताकी मोटर को ज्यादा लोड पर भी चलाया जा सके और मोटर चलते समय किसी तरह की कोई दिक्कत ना आ सके साथी साथ इनके इस्तेमाल से मोटर की कार्य करने का समय भी बढ़ जाता है |

8. Fan :-

इनमे हलके एल्युमीनियम से बने फैन का इस्तेमाल किया जाता है ताकि ठंडी हवा अन्दर जा सके और मोटर ज्यादा गरम ना हो सके, फैन को रोटर के शाफ़्ट पर ही अच्छे से लगाया जाता है |

Advantages of Induction motor (इंडक्शन मोटर के फायदे):-

  1. इंडक्शन मोटर कि कीमत कम होती है साथी साथ यह मोटर भरोसेमंद होती है |
  2. इसकी बनावट बोहोत आसान होती है और motor मजबूत होती है |
  3. इसकी efficiency याने क्षमता ज्यादा होती है | अगर मोटर नोर्मल चलती है तब उसमे ब्रश की जरुरत नहीं पड़ती है उसकी वजह से फ्रिक्शन लोस कम होते है, इसका पॉवर फैक्टर भी अच्छा होता है |
  4. इसमे कम रखरखाव की जरुरत पड़ती है |
  5. इसमे दूसरी स्टार्टिंग मोटर की जरुरत नहीं पड़ती है (थ्री फेज के लिए) |

Disadvantages of induction motor (इंडक्शन मोटर के नुकसान):-

  1. अगर इस मोटर के गति को कम ज्यादा करना हो उसके लिए इस मोटर के एफिशिएंसी को कम करना पड़ता है |
  2. इसका स्टार्टिंग टार्क dc shunt मोटर के मुकाबले कम होता है |
  3. जैसे की dc motor में होता है अगर लोड बढ़ता है तो उसकी वजह से मोटर की गति भी कम होने लगती है |
  4. सिंगल फेज मोटर सेल्फ स्टार्टिंग नहीं होती है उसके लिए औक्सिलरी की मदद लेनी पड़ती है |
  5. इन मोटर की गति को कम ज्यादा करना बोहोत मुस्किल होता है |

Application of induction motor in hindi (इंडक्शन मोटर के उपयोग):-

  1. वाशिंग मशीन में
  2. refigerator में इस्तेमाल किये जाते है |
  3. फर्नेस में |
  4. Wind turbine
  5. कन्वेयर
  6. पंप में
  7. क्रेन , hoist, एलेवेटर में इस्तेमाल किये जाते है |

FAQ related to Induction motor

इंडक्शन मोटर के फायदे कोनसे है ?

1. इंडक्शन मोटर कि कीमत कम होती है साथी साथ यह मोटर भरोसेमंद होती है |
2. इसकी बनावट बोहोत आसान होती है और motor मजबूत होती है |
3. इसकी efficiency याने क्षमता ज्यादा होती है | अगर मोटर नोर्मल चलती है तब उसमे ब्रश की जरुरत नहीं पड़ती है उसकी वजह से फ्रिक्शन लोस कम होते है, इसका पॉवर फैक्टर भी अच्छा होता है |
4. इसमे कम रखरखाव की जरुरत पड़ती है |
5. इसमे दूसरी स्टार्टिंग मोटर की जरुरत नहीं पड़ती है (थ्री फेज के लिए) |

इंडक्शन मोटर का इस्तेमाल कहा पर किया जाता है?

वाशिंग मशीन में
refigerator में इस्तेमाल किये जाते है |
फर्नेस में |
Wind turbine
कन्वेयर
पंप में
क्रेन , hoist, एलेवेटर में इस्तेमाल किये जाते है |

फेन में कोनसे मोटर का इस्तेमाल किया जाता है?

फेन में सिंगल फेज इंडक्शन मोटर का इस्तेमाल किया जाता है |

इंडक्शन मोटर में रोटर कितने प्रकार के होते है?

इंडक्शन मोटर में दो प्रकार के रोटर होते है एक squirrel cage rotor और phase-wound या wound rotor |

यह भी पढ़े:-

Circuit breaker कैसे काम करता है?

बायोगैस हिंदी में जानकारी

फ्यूज क्या है?

Previous articleStepper motor in Hindi, स्टेपर मोटर कार्य सिधांत, प्रकार, उपयोग, फायदे
Next articleTransformer tests in Hindi | ट्रांसफार्मर टेस्टिंग
नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here