Biomass egergy in Hindi | बायोमास उर्जा,परिभाषा,प्रकार,लाभ

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Biomass egergy in Hindi इस आर्टिकल में हम आज बायोमास उर्जा के बारेमे जानने वाले है इसकी परिभाषा क्या है?, इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है साथी साथ इसके प्रकार कितने है, बायोमास के फायदे और नुकसान भी जानेंगे | फलो के बचे हुए हिस्से, सब्जी के हिस्से, लकड़ी एन सबसे उत्पन्न होने वाली उर्जा को बायोमास उर्जा कहा जाता है |

Biomass egergy in Hindi
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Table of Contents

Biomass egergy in Hindi | बायोमास उर्जा क्या है ?

Biomass defination in hindi:-

परिभाषा:- बायोमास एक जैविक पदार्थ है जो की पौधों से को की जमींन पर और पानी में उगते है और जानवर का खाद, कचरा, बचा हुआ अनाज इन सबको बायोमास कहा जाता है और उनसे उत्पन्न होने वाली उर्जा को बायोमास उर्जा कहा जाता है |

Defination:- Biomass is organic matter produced by plants( terristial and aquatic) and their derivatives and animal manure. The energy obtained from biomass is called the biomass energy.

बायोमास उर्जा को solar energy की मदद से हासिल किया जाता है क्यू की सोलर उर्जा का इस्तेमाल करके photosynthesis की मदद से पौधों को उगाया जाता है | यह उर्जा का ऊर्जा का अक्षय स्रोत क्यू की इसमे जैविक पदार्थ का इस्तेमाल होता है |

कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, नेचरल गस्सेस इनको बायोमास नहीं कहा जाता है क्यू की यह मृत अवशेषों से बनता है, जोकि हजारो सालो से उच्च दबाव और तापमान पर जमीन के निचे होते है |

Types of biomass fuel (बायोमास ईंधन के प्रकार):-

1) बायोमास ईंधन जो की खेती के जमींन से मिलता है जैसे की खेती, धान, शैवाल, जैविक पदार्थ जो की पानी और जमींन से मिलते है |

2) बायोमास ईंधन जो कि कचरे से मिलता है जैसे की मुन्सिपल कचरा, जनावरोका और इंसनोका मलमूत्र, जंगल का कचरा, गटर का कचरा इत्यादी |

3) बायोमास ईंधन जैसे की मेथनॉल, एथेनॉल इत्यादी जिनका इस्तेमाल engine में किया जाता है |

Biomass egergy in Hindi
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Photosynthesis process (प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया):-

बायोमास उर्जा को photosysthesis की मदद से ही हासिल किया जाता है, जो की सूरज की सोलर उर्जा को बायोमास उर्जा में बदल देता है | जैसे की हमें पता है की photosysthesis प्रक्रिया सिर्फ हरे वनस्पति में ही हो सकती है |

प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया में बाहरी वातावरण के कार्बन डाइऑक्साइड को और पानी साथी साथ लाइट उर्जा की मदद से कार्बोहाइड्रेट जैसे की सुगर, स्टार्च, सेल्यूलोस और ऑक्सीजन का निर्माण करती है |

photosysthesis process बोहोत जटिल होती है लेकिन पूरी प्रक्रिया को हम एक समीकरण से दर्शा सकते है जोकि निचे दिखाया गया है |

6 CO2 + 6H2O + light energy —–> photosysthesis—–> C6H12O6 + 6 O2

Biomass availability (बायोमास की उपलब्धता):-

बायोमास में देखे तो लकड़ी का बचा हुआ कचरा और biogases जो की सुगर केन से मिलते है | भूमिगत फसल की बात की जाये तो उसमे गन्ने की फसल | कुछ फसल ऐसी होती है जैसे की हर्ब ग्रास जिनको herbaceous plant कहा जाता है |

जिनकी मदद से तरल या गैसेस की रूप में fuel निकाला जा सकता है |

जो पौधे पानी के निचे या पानी पर पनपते है उनको aquatic crops कहा जाता है जैसे की algae, sea weeds इत्यादी |

जो पौधे जमींन पर उगते है और उनसे बायोमास उर्जा उत्पन्न की जाती है उनको terristrial biomass कहा जाता है और जोपनी में उगते है उनको aquatic biomass कहा जाता है |

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Energy conversion from biomass ( बायोमास से उर्जा की प्राप्ति):-

  1. Direct combustion (प्रत्यक्ष दहन)
  2. Thermo chemical conversion (थर्मो रासायनिक रूपांतरण)
  3. Biochemical conversion (जैव रासायनिक रूपांतरण)

1) Direct combustion (प्रत्यक्ष दहन) :-

बायोमास के Direct combustion में ऑक्सीजन और हवा की मदद से गर्मी और by-product का निर्माण किया जाता है उसी को direct combustion कहा जाता है | अगर बायोमास का पूरी तरह से दहन करके उसकी राख बनायीं जाये तो उस प्रक्रिया को incineration कहा जाता है |

इस उष्ण ऊर्जा को गस्सेस केरूप में या फिर स्टीम याने भाप के रूप में कुछ जगह पर इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे की जगह को गरम या फिर ठंडा करने के लिए, power generation के लिए, इंडस्ट्रियल हीटिंग में और दुसरे कामो में इस्तेमाल कियाजा सकता है |

बोहोत सारे boiler और furnace को इस तरह बनाया जाता है की वह बायोमास को जैसे की लकड़ी, गोबर, सुखी सब्जिया, munciple waste और बाकि के कचरे को जला सके |

2)Thermo chemical conversion (थर्मो रासायनिक रूपांतरण):-

इस प्रकार में organic बायोमास को बेहतर सुविधाजनक स्थिति में बदला जाता है जैसे की गस्सेस में या तरल पदार्थ में,residues और by-product में ताकि इनका इस्तेमाल अच्छे से किया जा सके| इस प्रक्रिया में अलग अलग दबाव और तापमान का इस्तेमाल किया जाता है |

इस प्रक्रिया को निचे दिए गए तरीको से किया जा सकता है :-

A) Gasification (गैसीकरण):-

इस प्रक्रिया में बायोमास कोबोहोत ही कम ऑक्सीजन और हवा की मात्रा में गरम या जलाया किया जाता है इसी प्रक्रिया को gasification कहा जाता है | इस प्रक्रिया में H2,CO,CH4,N2 इस तरह की गस्सेस उत्पन्न होती है जिनका calorific value कम होता है|

B) Pyrolysis (पायरोलिसिस) :-

इस प्रक्रिया में बायोमास को बंद vessel या पतीले में गरम किया जाता है जिसका तापमान 500 ℃ से 900 ℃ तक होता है और इसमे ऑक्सीजन और हवा का इस्तेमाल नहीं किया जाता है | इस प्रक्रिया से ठोस, तरल या फिर गस्सेस के रूप में पदार्थ मिलता है |

इसका इस्तेमाल organic material के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है जैसे की प्लास्टिक और रबर |

इस प्रक्रिया से H2,CO,CH4,N2,CO2 गस्सेस उत्पन्न होती है |

3) Biochemical conversion (जैव रासायनिक रूपांतरण):-

इस biochemical conversion में बायोमास को बनाने के लिए microbail organism का इस्तेमाल किया जाता है ताकि उससे तरल या गस्सेस को उत्पन्न किया जा सके |

इस प्रक्रिया को निचे दिए गए तरीको से किया जा सकता है :-

A) Fermentation of biomass ( बायोमास का किण्वन):-

इस प्रक्रिया में organic कंपाउंड को decomposition किया जाता है इसके लिए micro-organism का इस्तेमाल किया जाता है जैसे की यीस्ट, बैक्टीरिया, एंजाइम इत्यादी |

इसका अगर उदहारण ले तो इसमे अनाज या गन्ने से एथेनॉल और CO2 का निर्माण किया जाता है इसके लिए यीस्ट की मदद ली जाती है |

B) Anaerobic digestion of biomass (बायोमास का अवायवीय पाचन):-

इस प्रक्रिया में गिले बायोमास और जानवरों में मलमूत्र को biogass में बदला जाता है इसके लिए decomposition प्रक्रिया की मदद ली जाती है जिसमे anaerobic bacteria काम करते है और गस्सेस उत्पन्न करते है |

Anaerobic bacteria ऐसे जिव होते है जो की ऑक्सीजन और हवा के बिना जीवित रह सकते है और अपना विकास कर सकते है |

बायोगैस को उत्पन्न करने के लिए जानवरों का और इंसानों का मलमूत्र, और दुसरे जैविक पदार्थ जैसे की बचे हुए ख़राब फल, सब्जी वेगेरा, और organic material जिनमे नमी ज्यादा हो |

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Bio fuel in hindi (जैव ईंधन):-

बायोमास एक कार्बन आधारित आर्गेनिक कंपाउंड है जिसको हवा की मदद से जलाया जाता है और उससे उष्ण ऊर्जा को प्राप्त किया जाता है | बायोमास को ठोस स्थिति में भी जलाया जा सकता है या फिर किसी और स्थिति में बदलकर पहले से ज्यादा उर्जा प्राप्त की जा सकती है |

जिस ईंधन को तरल या फिर गैस स्थिति से वो भी पेड़ पौधा सेबयाना जाता है उसे bio fuel कहा जाता है |

Types of bio fuel in hindi(जैव ईंधन के प्रकार):-

1) Solid bio fuel (ठोस जैव ईंधन):-

इसमे बुरादा, लकड़ी, कटी घास, लकड़ी का कोयला सूखे माल यह सब ठोस जैव ईंधन के उदाहरन है | इनको सीधे तौर पर जैसे है वैसे ही जलाया जाता है और इनसे गर्मी को उत्पन्न किया जाता है |

इस गर्मी को भाप बनाने के लिए या फिर चूल्हे के लिए इस्तेमाल किया जाता है | लकड़ी को सिधे तौर पर जला कर उससे गर्मी हासिल की जाती है |

इस bio fuel को छोटे छोटे आकार में तोडा जाता है ताकि आसानी से इस्तेमाल किया जा सके |

इसका नुकसान यह है की सिर्फ 5% से 10 % गर्मी हि मिल पाती है बाकि रेडिएशन से वेस्ट निकल जाती है |

2) Liquid bio fuel ( तरल जैव ईंधन):-

तरल स्थिति में जैव ईंधन को एक जगह से दुसरे जगह ले जाना आसान होता है | तरल और गैस ईंधन को I.C engine में जलाना आसान होता है |

इथेनॉल (Ethenol-C2H5OH) और मेथनॉल (Methenol-CH3OH) का इस्तेमाल पेट्रोल इंजन में इस्तेमाल किया जाता है |

A) Ethenol (इथेनॉल ):-

इथेनॉल में सबसे ज्यादा energy डेंसिटी होती है जो की 27000kj/kg और इसका बोइलिंग पॉइंट 78℃ होता है |

इसका इस्तेमाल पेट्रोल engine में किया जा सकता है gasoline की जगह पर | एथेनॉल के इस्तेमाल का फायदा यह है की इसकी octane rating ज्यादा होती है, इसकी वजह से कम्प्रेशन रेश्यो में बढ़त होती है |

B) Methenol (मेथनॉल) :-

मेथनॉल को munciple waste की मदद से बनाया जाता है | पहले इस कचरे को छाना जाता है उसके बाद इसमे के धातु के टुकड़ो को निकाला जाता है उसके बाद उस कचरे को O2 गैस से गुजारा जाता है या gasified किया किया जाता है |

इस प्रक्रिया में CO2 भी उत्पन्न हो जाता है इसको बाहर निकाला जाता है इसीसे थनॉल उत्पन्न की जाती है |

थनॉल का इस्तेमाल वाहनों में किया जाता है , इसकी डेंसिटी पेट्रोल से 25% कम होती है |

3) Bio diesel (जैव डीजल):-

जैव डीजल के उत्पादन के लिए कुछ चीजो को फ़ीड स्टॉक किया जाता है और इस्तेमाल किया जाता है जैसे की जानवरों का फैट, वनस्पति तेल, सोया,rapeseed, मस्टर्ड, sunflower palm oil आदि |

Bio diesel अगर pure स्थिति में हो तो इसका इस्तेमाल वाहनों में किया जा सकता है पर इसका ज्यादा तर इस्तेमाल diesel की कुछ चीजो को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है CO और HC.

4) Biogas (बायोगैस):-

Biogas के निर्माण के लिए clury और कृषि संबंधी कचरे का इस्तेमाल किया जाता है | लेकिन बोहोत सारी जगह पर अब इसका इस्तेमाल करना किफ़ायतशिर नहीं है |

Advantages of biomass energy (बायोमास उर्जा के फायदे):-

  1. कचरे या फिर ऐसे दुसरे चीजो से बायोमास उर्जा बनायीं जाती है जिनका इस्तेमाल हम नहीं करते है |
  2. बायोमास सभी जगह पर उपलब्ध होता है और यह ऊर्जा का अक्षय स्रोत है |
  3. इस तरह से उर्जा उत्पन्न करने से बोहोत कम मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होता है |
  4. जीवाश्म ईंधन ख़तम होता जा रहा है इसलिए बायोमास एनर्जी का इस्तेमाल सभी के लिए बेहतर है |
  5. और यह जीवाश्म ईंधन से कम खर्चीला है |
  6. कचरा कम होता है इसकी वजह से कचरे को रखने की जगह कम लगती है |

Disadvantages of biomass energy (बायोमास उर्जा के नुकसान):-

  1. Biomass plant के लिए बोहोत सारी जगह की जरुरत होती है |
  2. जीवाश्म ईंधन की तरह कुशल या प्रभावकारी नहीं है |
  3. यह पूरी तरह से साफ नहीं है |
  4. लकड़ी का इस्तेमाल बोहोत ज्यादा किया जाता है इसकी वजह से जंगल की कटाई होती है |
  5. यह अभी भी development की स्टेज में है |

Application of biomass energy (बायोमास उर्जा के उपयोग):-

  1. बायोमास उर्जा का इस्तेमाल घरो में stove और पानी को गरम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |
  2. बड़े पावर प्लांट में बोजली बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |
  3. इसका इस्तेमाल जगह को गरम करने के लिए और खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |

FAQ related to biomass energy (बायोमास एनर्जी से जुड़े प्रश्न उत्तर):-

  1. Biomass energy definition in Hindi? (बायोमास उर्जा की परिभाषा क्या है?)

    बायोमास एक जैविक पदार्थ है जो की पौधों से को की जमींन पर और पानी में उगते है और जानवर का खाद, कचरा, बचा हुआ अनाज इन सबको बायोमास कहा जाता है और उनसे उत्पन्न होने वाली उर्जा को बायोमास उर्जा कहा जाता है |

  2. Biomass energy source in hindi (बायोमास उर्जा के स्त्रोत कोनसे है?)

    1) बायोमास ईंधन जो की खेती के जमींन से मिलता है जैसे की खेती, धान, शैवाल, जैविक पदार्थ जो की पानी और जमींन से मिलते है |
    2) बायोमास ईंधन जो कि कचरे से मिलता है जैसे की मुन्सिपल कचरा, जनावरोका और इंसनोका मलमूत्र, जंगल का कचरा, गटर का कचरा इत्यादी |
    3) बायोमास ईंधन जैसे की मेथनॉल, एथेनॉल इत्यादी जिनका इस्तेमाल engine में किया जाता है |

  3. बायोमास उर्जा के लाभ (advantages of biomass energy )

    1.कचरे या फिर ऐसे दुसरे चीजो से बायोमास उर्जा बनायीं जाती है जिनका इस्तेमाल हम नहीं करते है |
    2.बायोमास सभी जगह पर उपलब्ध होता है और यह ऊर्जा का अक्षय स्रोत है |
    3.इस तरह से उर्जा उत्पन्न करने से बोहोत कम मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होता है |
    4.जीवाश्म ईंधन ख़तम होता जा रहा है इसलिए बायोमास एनर्जी का इस्तेमाल सभी के लिए बेहतर है |
    5.और यह जीवाश्म ईंधन से कम खर्चीला है |
    6.कचरा कम होता है इसकी वजह से कचरे को रखने की जगह कम लगती है |

  4. बायोमास उर्जा के उदहारण (what are the example of biomass energy?)

    धान, शैवाल, जैविक पदार्थ जो की पानी और जमींन से मिलते है और मुन्सिपल कचरा, जनावरोका और इंसनोका मलमूत्र, जंगल का कचरा, गटर का कचरा

  5. बायोमास उर्जा से नुकसान (what are the disadvantages of biomass energy ?)

    1.Biomass plant के लिए बोहोत सारी जगह की जरुरत होती है |
    2.जीवाश्म ईंधन की तरह कुशल या प्रभावकारी नहीं है |
    3.यह पूरी तरह से साफ नहीं है |
    4.लकड़ी का इस्तेमाल बोहोत ज्यादा किया जाता है इसकी वजह से जंगल की कटाई होती है |
    5.यह अभी भी development की स्टेज में है |

  6. जैव ईंधन क्या है और उसके प्रकार (What is bio fuel and its type)

    बायोमास एक कार्बन आधारित आर्गेनिक कंपाउंड है जिसको हवा की मदद से जलाया जाता है और उससे उष्ण ऊर्जा को प्राप्त किया जाता है | बायोमास को ठोस स्थिति में भी जलाया जा सकता है या फिर किसी और स्थिति में बदलकर पहले से ज्यादा उर्जा प्राप्त की जा सकती है |
    जिस ईंधन को तरल या फिर गैस स्थिति से वो भी पेड़ पौधा सेबयाना जाता है उसे bio fuel कहा जाता है |

    Types of biofuel (जैव ईंधन के प्रकार):-
    1) Solid bio fuel (ठोस जैव ईंधन)
    2) Liquid bio fuel ( तरल जैव ईंधन):- A) Ethenol (एथेनॉल), B) Methenol (मेथनॉल)
    3) Bio diesel (जैव डीजल)
    4) Biogas (बायोगैस)

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तो दोस्तों आज हमने Biomass egergy in Hindi इस आर्टिकल में हमने बायोमास ईंधन क्या होते है ? यह जानने की कोशिश की साथी साथ बायोमास ईंधन  के लाभ और हानिया भी देखि कितने है और, उपयोग के बारेमे भी जाना। अगर यह आर्टिकल या लेख आपको अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ facebook पर जरूर शेयर करना और इस लेख को पढ़कर आपको कैसा लगा वो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखना कुछ सुझाव हो  तो भी कमेंट में जरूर लिखना।

 धन्यवाद। 

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