बायोगैस क्या है? बायोगैस परिभाषा, बनावट, कार्यप्रणाली, फायदे, नुकसान

0
798

तो दोस्तों आज के बायोगैस क्या है?(biogas kya hai) इस लेख में हम बायोगैस के बारेमे जानने वाले है जैसे की बायोगैस कैसे बनता है?, बायोगैस प्लांट की बनावट कैसे होती है?, कार्यप्रणाली,साथ ही साथ हम देखने वाले है इसके फायदे और नुकसान, और इसे सही तरह से कैसे इस्तेमाल करे यह बाते देखने वाले है |

Biogas को उत्पन्न करने के लिए कोनसी चीजो का ध्यान रखना चाहिए ये और बायोगैस को शुरू से आखिर तक तक कैसे बनाया और इस्तेमाल किया जाता है यह विस्तार में जानेंगे| पहला biogas plant 1038 में Algeria में Issman और Duselier डेवेलोप किया था |

बायोगैस-क्या-है?
बायोगैस क्या है

बायोगैस क्या है?( What is biogas?)

पिछेले लेख में हमने biomass और biofuel क्या होता है इसके बारेमे जाना अगर आपको पूरी जानकरी चाहिए तो शब्द पर क्लिक कर सकते है |

परिभाषा :- जब organic मटेरियल का किण्वन याने की fermantation होता है तब anaerobic bacteria decomposition की मदद से ऑक्सीजन को निकाल लेते है, यहाँ पर तापमान 65 ℃ और नमी 80 से 95% होती है इस दौरान जो गैस उत्पन्न होती है उसी को biogas कहा जाता है |

वहा पर भी हमने देखा था की बायोगैस को उत्पन्न करने के लिए आर्गेनिक कचरे के ऊपर anaerobic decomposition प्रक्रिया की जाती है इसमे कुछ जीवाणु की मदद लि जती है |

बायोगैस में 55 से 65 % मीथेन गैस और 30 से 40 % कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है और बाकि के बचे हुए हिस्से में कुछ अशुद्धता होती है जैसे की H2S, H2, N2 गैस|

बायोगैस को उत्पन्न करने के लिए पाचन पायरोलिसिस और हाइड्रो-गैसीकरण प्रक्रिया की जाती है | Digestion एक जैविक प्रक्रिया है इसके लिए O2 की जरुरत नहीं होती है, इसमे anaerobic organisms की मदद ली जाती है |

इस प्रक्रिया के लिए सामान्य दबाव की जरुरत होती है और तापमान 30 ℃ से 70 ℃ होता है | जिस बड़े पात्र में यह प्रक्रिया होती है उसे digester कहा जाता है |

बायोगैस के उत्पादन में दो तरह के जीवाणु की मदद ली जाती है जिसमे जिन जीवाणु विकसित होने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है उन्हें aerobic bacteria कहा जाता है, और दुसरे जीवाणु जिनके लिये ऑक्सीजन की जरुरत नहीं होती है उन्हें anaerobic bacteria कहा जाता है |

बायोगैस के उत्पादन का मुख्य स्रोत:-

  1. Crop residue (फसल अवशेष)
  2. Vegetable waste (ख़राब सब्जी)
  3. Wet cow dung गिला गोबर)
  4. Poultry droppings (पोल्ट्री का कचरा)
  5. Algae (शैवाल)
  6. Water hyacinth (जल कुंभी)
  7. Human waste (मानव निर्मित कचरा)
  8. bagasse ( गन्ने का बचा कचरा)
  9. Rice-husk (चावल का भूसा)Organic material (कार्बनिक पदार्थ जो आसानी से विघटित हो सके)

ऊपर दिखाए biogas plant material है |

पशु के 1 kg कचरे से लगभग 0.037 m3 बायोगैस उत्पन्न हो सकता है | इस गैस की कालोरिक मात्रा लगभग 21000 से 23000 kj/kg और 38000 kj/m3 होती है |

बायोगैस उत्पन्न होने के बाद बचे हुए हिस्से को खाद की तरह या फिर जानवरों के चारे की तरह इस्तेमाल किया जाता है इसके लिए कुछ प्रक्रिया की जरुरत होती है |

यह भी पढ़े:- Fuel cell in hindi

बायोगैस प्लांट की बनावट (Construction of biogas plants):-

बायोगैस प्लांट के चित्र को हम निचे देख सकते है जिसमे हम biogas plant में इस्तेमाल होने वाले पुर्जो को देख सकते है |

biogas-kya-hai, बायोगैस-क्या-है
बायोगैस क्या है

1) डोम (Dome):-

यह digester के ऊपर बना होता है औरइसका आकार गोलाकार होता है | इस डोम के उपरी हिस्से पर एक pipe जुड़ा होता है उसी की मदद से उत्पन्न हुई गैस को बाहर निकाला जाता है | गैस उत्पन्न होने के बाद वह डोम में ही रहती एकठी होती रहती है |

गैस वाल्व को खोलाने के बाद ही गैस वहा से बाहर निकल जाती है |

2) ड़ाइजेस्टर (Digester):-

ड़ाइजेस्टर में ही पूरी प्रक्रिया होती है इसलिए यह एक बोहोत ही महत्त्व पूर्ण हिस्सा है | इसी के ऊपर डोम लगा हुआ होता है, इसी हिस्से में aerobic bacteria अपनी प्रक्रिया करते है और बायोमास में से बायोगैस का निर्माण करते है |

इसके दो प्रकार होते है 1) Batch digester, 2) Flow thru digester

3) मिक्सिंग टैंक (mixing tank):-

इस टैंक का इस्तेमाल पानी और दुसरे बायोमास को एकसाथ अच्छे से मिलाया जाता है उसके बाद उस मिश्रण को आगे digester में भेजा जाता है |

4) ओवर फ्लो टैंक (Over flow tank) :-

Digester में के घोल को बाहर निकालने के लिए इसका इस्तेमाल होता है |

5) पाइप लाइन (Pipe line):-

बायोमास के किण्वन प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुए गैस को जहा पर उसका इस्तेमाल करना है उस जगह तक ले जाने के लिए पाइप लाइन का इस्तेमाल किया जाता है |

यह भी पढ़े :- हाइड्रोपावर प्लांट से जुडी पूरी जानकारी

बायोगैस प्लांट काम करने का सिद्धांतकार्यसिधान्त (Working principle of biogas plant):-

Bio-chemical प्रक्रिया तिन चरणों में होती है, जिसका चित्र हम निचे देख सकते है |

biogas-kya-hai
बायोगैस क्या है

1) पहला चरण (Hydrolysis):-

इस चरण में biomass का जो की complex कंपाउंड्स होते है उनका इस्तेमाल होता है जैसे की फैट, प्रोटीन, कार्बो हाइड्रेट इत्यादी | एन कंपाउंड्स को तोड़कर पानी में घुलने लायक स्थिति में लाया जाता है इसके लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता है इसी प्रक्रिया को hydrolysis कहा जाता है |

2) दूसरा चरण (Acid formation) :-

प्रकिया के इस चरण में anaerobic bacteria और facul tative समूह जिनको acid formig bacteria भी कहा जाता है वो एसिटिक एसिड और प्रोपिओनिक एसिड को उत्पन्न करते है उस वक्त तापमान लगभग 25 ℃ होता है |

इस प्रक्रिया दे दौरान CO2गैस निकलती है | कई बार ऐसा हो सकता है की एसिड बोहोत ज्यादा मात्रा में उत्पन्न हो जाये उसकी वजह से biological acticity बंद हो सकती है, इस लिए पुरे मिश्रण के pH मात्रा को कण्ट्रोल करना जरुरी होता है |

3) तीसरा चरण (Methane formatio):-

इस चरण में anaerobic bacteria का काम होता है जिन्हें methane formers भी कहा जाता है | जिनका कम होता है दुसरे चरण में उत्पन्न हुए organic acid से बायोगैस में रूपांतरित करना |

उस बायोगैस में मुख्य तौर पर methane और CO2 होते है उनक साथ दुसरे कम मात्रा में कोपोनेंट्स होते है जैसे की H2S, H2 और N2.

बायोगैस का उत्पादन digester में वातावरण किस तरह का है इसपर निर्भर होता है |

बिओगस उत्पादन निचे दिए तत्वों पर निर्भर होता है (Various factor affecting production of biogas):-

  1. Tempreture and pressure (तापमान और दबाव)
  2. Retention period (अवधारण समय)
  3. pH value (पि एच मात्रा)
  4. Toxic substances (जहरीला पदार्थ)
  5. Digester size and shape (डाइजेस्टर का आकार और बनावट)
  6. stirring agitation of content of digester (डाइजेस्टर में के सामग्री को हिलाने का तरीका )
  7. Solid concentration and loading rate (ठोस कोंसेनट्रेट और लोडिंग दर)
  8. Nutrients composition (पोषक तत्वों की संरचना)

बायोगैस के फायदे (Biogas advantages):-

  1. बायोगैस उत्पन्न करना ज्यादा महंगा नहीं है |
  2. नाले की कचरे को इस्तेमाल करने के बाद उसमे से सभी bacteria मर जाते है |
  3. उत्पन्न हुए बायोगैस मे से CO2 को निकालने के बाद एक बोहोत अच्छा ईंधन मिलता है जो है CH4 गैस जिसका इस्तेमाल खाना पकाने में, लाइटिंग, डीजल engine को चले के लिए और furnace में इस्तेमाल किया जा सकता है |
  4. बायोगैस के उत्पन्न के बाद बचे हुए सामग्री को खाद की तरह या फिर जानवरों के चारे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है |
  5. बायोगैस के कारन ईंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले लकड़ी की खपत कम होती है |
  6. यह एक नवीनीकरण श्रोत है |
  7. यह पर्यावरण के अनुकूल है इससे वातावरण प्रदूषित नहीं होता है |

बायोगैस से हानिया या नुकसान (Biogas disadvantages):-

  1. बायोगैस उत्पादन की प्रक्रिया धीमी है इसमे समय लगता है |
  2. इसको बोहोत बड़े तैमाने पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है |
  3. Biogas plant को घर के नजदीक ही बनाना पड़ता है नहीं ती पाइप का खर्चा बढ़ जायेगा और गैस का दबाव भी कम हो जायेगा |
  4. इसका निर्माण ऊँची जगह पर किया जाये ताकि बारिश के मौसम में उसमे पानी न भर सके |
  5. इसका इस्तेमाल सभी जगहों पर नहीं किया जा सकता है |
  6. इसमे तापमान का बोहोत बड़ा हाथ होता है |
  7. इसको मेंटेनेंस की जरुरत पड़ती है |

बायोगैस के उपयोग ( biogas application):-

  1. खाना बनाने के लिए |
  2. लाइटिंग के लिए |
  3. हीटिंग के लिए |
  4. मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल एनर्जी को उत्पन्न करने के लिए |
  5. गाडियों के इंधन के तौर पर |

FAQ related to biogass (बायोगैस से जुड़े प्रश्न उत्तर):-

  1. बायोगैस क्या है?(defination of biogas?)

    परिभाषा :- जब organic मटेरियल का किण्वन याने की fermantation होता है तब anaerobic bacteria decomposition की मदद से ऑक्सीजन को निकाल लेते है, यहाँ पर तापमान 65 ℃ और नमी 80 से 95% होती है इस दौरान जो गैस उत्पन्न होती है उसी को biogas कहा जाता है |

  2. बायोगैस से क्या लाभ है? (advanatges of biogas)

    1) बायोगैस उत्पन्न करना ज्यादा महंगा नहीं है |
    2) नाले की कचरे को इस्तेमाल करने के बाद उसमे से सभी bacteria मर जाते है |
    3) उत्पन्न हुए बायोगैस मे से CO2 को निकालने के बाद एक बोहोत अच्छा ईंधन मिलता है जो है CH4 गैस जिसका इस्तेमाल खाना पकाने में, लाइटिंग, 4) डीजल engine को चले के लिए और furnace में इस्तेमाल किया जा सकता है |
    5) बायोगैस के उत्पन्न के बाद बचे हुए सामग्री को खाद की तरह या फिर जानवरों के चारे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है |
    6) बायोगैस के कारन ईंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले लकड़ी की खपत कम होती है |
    7) यह एक नवीनीकरण श्रोत है |
    8) यह पर्यावरण के अनुकूल है इससे वातावरण प्रदूषित नहीं होता है |

  3. बायोगैस से नुकसान क्या है? (disadvanage of biogas)

    1) बायोगैस उत्पादन की प्रक्रिया धीमी है इसमे समय लगता है |
    2) इसको बोहोत बड़े तैमाने पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है |
    3) Biogas plant को घर के नजदीक ही बनाना पड़ता है नहीं ती पाइप का खर्चा बढ़ जायेगा और गैस का दबाव भी कम हो जायेगा |
    4) इसका निर्माण ऊँची जगह पर किया जाये ताकि बारिश के मौसम में उसमे पानी न भर सके |
    5) इसका इस्तेमाल सभी जगहों पर नहीं किया जा सकता है |
    6) इसमे तापमान का बोहोत बड़ा हाथ होता है |
    7) इसको मेंटेनेंस की जरुरत पड़ती है |

  4. क्या बायोगैस से इंसानों को खातारा हो सकता है? (is biogas harmfull for humans)

    देखा जाये तो बायोगैस उत्पन्न करते समय धमाका होने की संभावना होती है साथी साथ श्वासावरोध, और दुसरे रोग भी हो सकते है |

  5. 1 किलो ग्राम कचरे से कितनी गैस उत्पन्न होती है?

    पशु के 1 kg कचरे से लगभग 0.037 m3 बायोगैस उत्पन्न हो सकता है | इस गैस की कालोरिक मात्रा लगभग 21000 से 23000 kj/kg और 38000 kj/m3 होती है |

  6. बायोगैस कोनसे देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है ?

    United States (अमेरिका) करीब 1347 petajoules

  7. बायोगैस को कुकिंग में कैसे इस्तेमाल करे ?

    इसमे मीथेन गैस होती है जिसको जलाकर उसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जा सकता है |

  8. बायोगैस से कितने दिन में गैस तैयार होती है?

    10 से 30 दिन में |

यह भी पढ़े :-

pmmc instrument in hindi

megger in hindi

vacuum circuit breaker

Tidal energy in hindi

Previous articleBiofuel in Hindi | जैव ईंधन क्या है?,परिभाषा, प्रकार, उपयोग, उदहारण
Next articleGeothermal energy in Hindi | भूतापीय ऊर्जा परिभाषा, प्रकार, उपयोग, फायदे
नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here