Ultrasonic welding in hindi | अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या है?, उपयोग, लाभ, हानी

0
713

तो दोस्तों आज के Ultrasonic welding in hindi इस आर्टिकल में हम अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या है, यह किस तरह से काम करता है साथी साथ इसके फायदे, नुकसान और इसका इस्तेमाल कहा पर किया जाता है ये भी देखेंगे |

Ultrasonic welding in hindi (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या है?):-

यह एक सॉलिड स्टेट वेल्डिंग प्रक्रिया है,इस प्रक्रिया में दो धातुओ को जोड़ने के लिए high frequincy (20-60 kHz) का इस्तेमाल किया जाता है जो की vibratory energy होती है | दोनों धातु के टुकडो को pressure में ही रखा जाता है | इस प्रक्रिया में किसी तरह का flux या filler material का इस्तेमाल नहीं किया जाता है |

इस प्रक्रिया में electrical करंट वेल्ड किये जाने वाले धातु में से नहीं गुजरता है, उसकी वजह से यहाँ पर heat भी उत्पन्न नहीं होती है |

इसमे बोहोत ज्यादा फ्रीक्वेंसी की वजह से vibration उत्पन्न होता है जो की अल्ट्रासोनिक होता है उसकी वजह से moisture, coating, insulation निकल जाता है |

Ultrasonic welding का चित्र हम निचे देख सकते है |

Ultrasonic welding in hindi | अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या है?, उपयोग, लाभ, हानी
Ultrasonic welding in hindi

Welding in hindi इस आर्टिकल में वेल्डिंग के बारेमे पूरी जानकरी मिलेगी |

इस वेल्डिंग के प्रकार में धातु का तापमान मेल्टिंग पॉइंट तक नहीं पहुचता है उसकी वजह से यहाँ पर nugget उत्पन्न नहीं होते है जैसे की resistance welding में होते है |

Ultrasonic welding working (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग कार्यपद्धति):-

जब अल्ट्रासोनिक टिप या इलेक्ट्रोड और एनर्जी कपलिंग यंत्र धातु के तुकडे को clamp करते है, और धातु के workpiece पर oscillate करते है | यहाँ पर clamping pressure और oscillating force के मेल की वजह से बेस मेटल के ऊपर गतिशील दबाव डालता है |

इस प्रक्रिया की वजह से बोहोत कम deformation होता है उसकी वजह से वेल्डिंग क्षेत्र में तापमान बढ़ जाता है | उसी वक्त ऊपर से clamping pressure की वजह से दो धातु एक दुसरे से जुड़ जाते है |

अल्ट्रासोनिक एनर्जी का एक और फायदा ये हो जाता है की इसकी मदद से welding वाला हिस्सा साफ हो जाता है | और vibration energy को उत्पन्न करने के लिए transducer का इस्तेमाल किया जाता है जिसका काम होता है high frequency electrical energy को mechanical energy में मदलना |

इस वेल्डिंग प्रक्रिया से जोड़े गए वेल्ड बोहोत मजबूत होते है और कई प्रकार के अलग अलग मेल वाले धातुओ को जोड़ा जा सकता है |

इस वेल्डिंग की मदद से 0.38 mm से लेकर 2.5 mm तक के धातुओ को जोड़ा जा सकता है और यह धातु पर निर्भर होता है |

Types of welding ( वेल्डिंग के प्रकार):-

1) Gas Welding (गैस वेल्डिग):-
 i) Oxyacetylene  ⅱ) Air-acetylene ⅲ) Oxy-hydrogen
2) Resistance Welding (रेजिस्टेंस वेल्डिंग ):-
 i)  Butt Welding ⅱ) Spot Welding ⅲ) Projection Welding ⅳ)Seam Welding v)Percussion Welding
 i) Carbon arc Welding ⅱ) Metal arc Welding ⅲ) Gas metal arc welding ⅳ)Gas tungsten arc welding  v)Atomic hydrogen arc Welding ⅵ) Plasma arc Welding ⅶ) Submerged arc Welding ⅷ) Flux-cored arc Welding ⅸ) Electro-slag Welding
4) Thermit Welding  (थर्मिट  वेल्डिंग)
 
5) Solid-state Welding (सॉलिड स्टेट वेल्डिंग ):-
 i) Friction Welding ⅱ) Ultrasonic Welding ⅲ) Diffusion Welding ⅳ) Explosive Welding
6) Newer Welding (न्यू वेल्डिंग ):-
 i) Electron beam welding ⅱ) Laser Welding

Advantages of Ultrasonic welding (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग के फायदे):-

  1. इस प्रक्रिया से की गयी वेल्डिंग की ताकत बोहोत ज्यादा होती है |
  2. बोहोत सारे अलग अलग धातु के मेल को अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग की मदद से जोड़ा जा सकता है |
  3. Ultrasonic welding को करते समय welding किये जाने वाले धातु को साफ सकने की जरुरत नहीं होती है |
  4. इसमे किसी तरह का flux या filler material का इस्तेमाल नहीं किया जाता है |
  5. इस वेल्डिंग के प्रकार में धातु का तापमान मेल्टिंग पॉइंट तक नहीं पहुचता है उसकी वजह से यहाँ पर nugget उत्पन्न नहीं होते है |
  6. इस प्रकिया की मदद से बोहोत पतले धुत के sheet को भी जोड़ा जा सकता है |
  7. यह वेल्डिंग बोहोत तेजीसे होती है उसकी वजह से समय बच जाता है |
  8. इसके इस्तेमाल से प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो जाता है |
  9. इस welding को आसानी से automated कर सकते है |
  10. इसका इस्तेमाल प्लास्टिक को जोड़ने में भी किया जाता है
यह भी पढ़े:- RTD क्या है ?

Disadvantages of Ultrasonic welding (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग के नुकसान):-

  1. इस प्रकार की वेल्डिंग में टूल को बोहोत बार बदलना पड़ता है |
  2. आकार में मोटे धातु को नहीं जोड़ सकते जैसे की 2.5 mm से ऊपर के धातु |
  3. इसके टूलींग का मूल्य ज्यादा होता है क्यू  की इसके लिए खास डिजाईन की जरुरत पड़ती है |
  4. इसमे transducer का इस्तेमाल किया जाता है और उसकी वजह से दुसरे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स ख़राब हो सकते है |
  5. एक operation में बोहोत ज्यादा जॉइंट्स नहीं कर पाते है |

Application of Ultrasonic welding (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग के उपयोग):-

  1. किसी tube को बोहोत अच्छे से जोड़ने के लिए अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग का इस्तेमाल किया जाता है |
  2. इसका बोहोत ज्यादा इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज में किया जाता है |
  3. इसका इस्तेमाल packages और containers को बनाने में किया जाता है |
  4. अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग का इस्तेमाल इंस्ट्रूमेंटेशन इंडस्ट्रीज में किया जाता है |
  5. धातुओ को जोड़ने से ज्यादा इसका इस्तेमाल प्लास्टिक को जोड़ने में किया जाता है |
  6. इसका इस्तेमाल खिलोने और tools बनाने में किया जाता है |
  7. इसका इस्तेमाल मेडिकल इंडस्ट्रीज में किया जाता है filler, masks, blood bags, gloves और बोहोत सारी दूसरी चिजोको बनाने के लिए |

Question and answer related to ultrasonic welding (अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग से जुड़े प्रश्न उत्तर):-

Q. अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या है? (What is ultrasonic welding)
उत्तर:- जब अल्ट्रासोनिक टिप या इलेक्ट्रोड और एनर्जी कपलिंग यंत्र धातु के तुकडे को clamp करते है, और धातु के workpiece पर oscillate करते है | यहाँ पर clamping pressure और oscillating force के मेल की वजह से बेस मेटल के ऊपर गतिशील दबाव डालता है |

इस प्रक्रिया की वजह से बोहोत कम deformation होता है उसकी वजह से वेल्डिंग क्षेत्र में तापमान बढ़ जाता है | उसी वक्त ऊपर से clamping pressure की वजह से दो धातु एक दुसरे से जुड़ जाते है |

Q. अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग के फायदे कोनसे है? ( What are advanatges of ultrasonic welding?)
उत्तर:- 1) इस प्रक्रिया से की गयी वेल्डिंग की ताकत बोहोत ज्यादा होती है | 2) बोहोत सारे अलग अलग धातु के मेल को अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग की मदद से जोड़ा जा सकता है | 3)Ultrasonic welding को करते समय welding किये जाने वाले धातु को साफ सकने की जरुरत नहीं होती है | 4) इसमे किसी तरह का flux या filler material का इस्तेमाल नहीं किया जाता है | 5) इस प्रकिया की मदद से बोहोत पतले धुत के sheet को भी जोड़ा जा सकता है | 6)यह वेल्डिंग बोहोत तेजीसे होती है उसकी वजह से समय बच जाता है | 7)इसके इस्तेमाल से प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो जाता है | 8) इस welding को आसानी से automated कर सकते है | 9) इसका इस्तेमाल प्लास्टिक को जोड़ने में भी किया जाता है
Q. अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग की खोज किसने की थी?
उत्तर:- Seymour Linsley और Robert soloff  ने की थी |
Q. अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग में कितने फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल किया जाता है ?
उत्तर:- दो धातुओ को जोड़ने के लिए high frequincy (20-60 kHz) का इस्तेमाल किया जाता है |

यह भी पढ़े:-

 
 
 
 
तो दोस्तों आज हमने Ultrasonic welding in Hindi इस आर्टिकल में अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग क्या होती है ? यह जानने की कोशिश की साथी साथ अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग के लाभ और हानिया भी देखि कितने है और, उपयोग के बारेमे भी जाना।
अगर यह आर्टिकल या लेख आपको अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ facebook पर जरूर शेयर करना और इस लेख को पढ़कर आपको कैसा लगा वो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखना कुछ सुझाव हो  तो भी कमेंट में जरूर लिखना।
धन्यवाद।
Previous articleSeam welding in hindi | सीम वेल्डिंग क्या है? परिभाषा, उपयोग, फायदे
Next articleElectroplating in hindi | इलेक्ट्रोप्लेटिंग क्या है? प्रक्रिया, उपयोग, नुकसान
नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here