Transformer oil testing in Hindi | ट्रांसफार्मर तेल प्रकार, गुण, उपयोग

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Transformer oil क्या है? ट्रासंफार्मर आयल के प्रकार कौन से है, इनका उपयोग और कहा कहा पर किया जाता है ये जानना बोहोत जरुरी है इसलिए हम आज Transformer oil testing in Hindi इस आर्टिकल में सभी प्रश्नो का उत्तर जानेगे |

एक बार अगर ट्रांसफार्मर में तेल डाल दिया तो वो लगभग 30 साल तक चल सकता है | अगर ट्रांसफार्मर आयल की जाँच अच्छे से नहीं की गयी हो तो उसकी वजह से बोहोत सारे losses हो सकते है | और उन losses की वजह से हजारो ला लाखो का नुकसान हो सकता है |

Table of Contents

What is Transformer Oil ? (ट्रांसफार्मर आयल क्या है ?) :-

Transformer oil को इन्सुल्टिंग आयल भी कहा जाता है |  क्यू की इसकी इलेक्ट्रिकल इंसुलेटिंग प्रॉपर्टीज बोहोत अछि होती है | साथी साथ यह उच्च तापमान पर भी स्थिर रहता है| इनका इस्तेमाल कोर और windings को सुरक्षित रखने के लिए भी होता है |

ट्रांसफार्मर में बोहोत सरे insulators का इस्तेमाल किया जाता है उनमे से तेल एक इंसुलेटिंग मटेरियल है |

इसका इस्तेमाल oil-filled transformer में और high voltage capacitors, high voltage switches और circuit brekaer में किया जाता है | ट्रांसफार्मर आयल, minaral oil होता है | यह आयल dielectric strength, thermal conductivity, chemical stable होना जरुरी है |

Transformer oil name in Hindi (ट्रांसफार्मर आयल नाम हिंदी में ):-

Transformer में कौन सा तेल होता है ? यह प्रश्न बोहोत बार लोगोके मन में आता है और पूछा जाता है तो ट्रांसफार्मर में Minaral oil (खनिज तेल) या फिर Synthetic oil (कृत्रिम तेल )का इस्तेमाल किया जाता है |

Types of Transformer Oil (ट्रांसफार्मर आयल के प्रकार ) :-

Transformer oil के प्रकार दो है जिनका इस्तेमाल Transformer में किया जाता है |

1) Naphtha based transformer oil

2) Paraffin based transformer oil

Paraffin based transformer oil आसानी से oxidized नहीं होता है लेकिन Naphtha based transformer oil आसानी से oxidized हो जाता है | नाफ्था बेस्ड आयल में विघटित मोम नहीं होता है | मोम की वजह से pour point increase होता है | दुनियाभर में इन्ही दो प्रकारो का इस्तेमाल बोहोत ज्यादा किया जाता है |

Properties of Transformer oil (ट्रांसफार्मर आयल के गुण ) :-

ट्रांसफार्मर आयल का इस्तेमाल ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए होता है साथी इसका इस्तेमाल starters, regulatores, switch gear में भी होता है | transformer oil अच्छे तरह से काम करे ये आयल के conduction और आयल के quality पर निर्भर होता है |
Tranformer oil testing in Hindi इसकी जानकारी लेने से पहले हमें आयल के गुण क्या है वो निचे दिखाए गए है|

1) Appearance (दिखावट):-

यह आयल दिखने में pale-clear-yellow (फीका साफ पीला ) कलर के तरह दिखना चाहिए | आयल के आरपार दिखना चाहिए अगर इसमें से आरपार न दिखे तो फिर उसमे कुछ गन्दगी नमी मौजूद हो सकती है |

2) Viscosity (श्यानता):-

कम viscous oil सभी voids याने के रिक्तियों में, holes में, और सभी जगह जाता है इसकी वजह से अच्छा इंसुलेशन मिलता है और मशीन बोहोत जल्द ढंडी हो जाती है | जीतनी काम viscosity होगी उतनी ही अछि तरह से आयल सभी जगह पहुँच जायेगा

3) Density (घनत्व):-

I.S नियमो के मुताबिक, insulating oil का घनत्व 0.89 gm/cm³ से ज्यादा नहीं होना चाहिए |

4) Purity (शुद्धता):-

अगर insulating oil में किसी तरह की गन्दगी हो जैसे के sulphar तो फिर यह हानिकारक हो सकती है | इसकी वजह से metal पार्ट्स का क्षय होता है और उसकी वजह से कीचड़ सा निर्माण हो जाता है | शुद्ध तेल में किसी तरह की गन्दगी नहीं है |

5) Water content (पानी की मात्रा):-

अगर insulating oil में पानी या फिर नमी हो तो फिर उसकी वजह से insulating oil की di-electric strength काम हो जाती है | filtering की मदद से इस पानी को निकलना जरुरी है |

6) Sludging (कीचड़) :-

oxidation और heat की वजह से insulating oil में sludge याने कीचड़ निर्माण हो जाता है | उसकी वजह से hydro carbons उत्पन्न हो जाते है और यह semi-solid होते है इसके कारण colling प्रोसेस पर फरक पड़ता है और machine गरम हो जाती है |

7) Di-Electric strength (बिजली के धाराप्रवाह को रोकने की क्षमता):-

Insulating oil की di-electric strength ज्यादा होनी चाहिए ताकि यह high voltage surges को भी संभाल सके, अगर di-electric sterngth कम इसका मतलब आयल में कुछ नमी है, और ऐसे शुद्ध करना जरुरी है | di-electric strength 30kV 2.5 mm standard gap टेस्टिंग आयल से कम होनी चाहिए |

8) Pour point:-

आयल जमना नहीं चाहिए नहीं तो Buchcholzs relay में दिक्कत आ सकती है |

9) Flashpoint (फ़्लैश पॉइंट):-

सुरक्षा को ध्यान में रखे तो आयल का flashpoint 160° से कम होना चाहिए | Flash point वह स्तिथि होती है जब तापमान उस हद  पहुंच जाता है की आयल में से भाप निकलना  चालू हो जाये |

10) Fire point (आग लहणे का बिंदु ):-

यह 200℃ से ऊपर होना जरुरी है | यह वो बिंदु होता है जब आयल जलने लगता है |

Transformer oil testing in Hindi (ट्रांसफार्मर आयल टेस्टिंग हिंदी में) :- 

जब भी periodic maintenace होता है तब transformer oil की जाँच करना बोहोत जरुरी है, साथी साथ नया आयल अच्छा है की नहीं उसकी भी जाँच होना जरुरी है | transformer oil testing के लिए आयल का नमूना लिया जाता है उसपर कुछ टेस्ट किये जाते है |

1)BDV test of transformer in Hindi (ट्रांसफार्मर की BDV टेस्ट ) :-

BDV test याने break down voltage test है या फिर Di-electric strength test, निचे दिखाए चित्र  इस टेस्ट के लगने वाले सरचना को देख सकते है |

Transformer oil testing in Hindi
Transformer oil testing in Hindi
Transformer oil testing in Hindi

इस टेस्ट को करने के लिए ट्रांसफार्मर आयल के नमूने को एक टेस्ट सेल में लिया जाता है | यह टेस्ट सेल पारदर्शी ग्लॉस से बना होता है | इसमें लगभग 500 ml आयल आता है और इसके ऊपर lit से ढक दिया जाता है | 12.5 mm के दो stainless steel के electrodes को टेस्ट सेल दोनों तरफ लगाया जाता है |

दो electrodes बिच में 2.5 mm की दुरी को बनाये रखा जाता है | और ये electrodes transformer के high voltage सप्लाई से जोड़े जाते है | ट्रांसफार्मर 230 volt AC 50 Hz supply से जोड़ा जाता है | supply और autotransformer के बिच में circuit breaker को भी जोड़ा जाता है |

जब electrodes को अच्छे तरह से लगाया जाता है उसके बाद वोल्टेज सप्लाई को धीरे धीरे बढ़ाया जाता है इसके लिए autotransformer मदद ली जाती है 2kV per second के हिसाब से वोल्टेज को बढ़ाया जाता है |

जब तक ब्रेकडाउन ना हो जाये तक वोल्टेज को बढ़ाया जाता है | जब ब्रेकडाउन होता है तब सर्किट ब्रेकर ट्रिप हो जाता है | और तब वोल्टेज की वैल्यू को नोट किया जाता है |

जह प्रक्रिया 6 बार की  जाती है और हरबार वोल्टेज को नोट किया  जाता है फिर उसकी औसत निकली जाती है |

2) Flashpoint test (फ्लैशपॉइंट टेस्ट):-

 

इस टेस्ट को तभी किया जाता है जब बार बार fault उत्पन्न हो रहा हो और उसकी वजह से तापमान बोहोत ज्यादा बढ़ रहा हो या फिर कोई अंतर्गत fault या आयल में से किसी प्रकार की दुर्गंद आ रही हो |

इस टेस्ट में आयल के नमूने को लगातार गरम किया जाता है और उसका तापमान माप लिया है | बोहोत ज्यादा गरम करने की वजह से आयल में से भाँप निकलने लगाती है |

जब यह भाप हवा के संपर्क में आती है  यह ज्वलनशील हो जाती है | उसके बाद नियंत्रित वातावरण में flame याने लपट की मदत से बोहोत काम समय के लिए फ़्लैश किया जाता है |

यह तापमान 130℃ और 140℃ से कम होना चाहिए, अगर कम है तो इसका इस्तेमाल insulation के लिए किया जा सकता है |

3) Crackle test (क्रैकल टेस्ट ) :-

 

इस टेस्ट का इस्तेमाल आयल में पानी या नमी है की नहीं उसकी जाँच के लिए किया जाता है | इसमें आयल के नमूने को एक साफ और सूखे कंटेनर में लिया जाता है और 12.5 mm का मेटल के रोड जो की गरम होता है उसे आयल के कंटेनर में सीधा डाला जाता है |

अगर तड़क की आवाज सुनाई दे तो उसमे moisture याने नाम मौजूद है | अगर किसी प्रकार की आवाज न आये तो वह आयल सुद्ध है याने उसमे नमी नहीं है |

4) Sludge test (तेल कीचड़ परीक्षण ) :-

 

ऑक्सीडेशन की वजह से आयल में sludge याने कीचड़ उत्पन्न हो जाता है,  वातावरण की  वजह से और ज्यादा तापमान की वजह से हो सकता है |

इस्तेमाल हुए आयल को टेस्टिंग नमूने  तौर पर लिया जाता है | इसे एक कंटेनर में लेकर इसे dilute किया जाता है n-heptane की मदद से | इसके बाद इस घोल को पेपर की मदद से छाना जाता है |

उसके बाद पेपर को धोया जाता है और उसमे 3 भाग xylene और 1 भाग acetone को मिलाया जाता है | अगर वह पर brown colour का filterate निकलता है इसका मतलब उसमे बोहोत सारा sludge मौजूद है |

5) Acidity test (एसिडिटी टेस्ट) :-

इस टेस्ट को इसलिए परफॉर्म किया जाता है ताकि अरग आयल  कोई acidic content हो तो पता चल सके | इस टेस्ट को करने के लिए 10 grams  कोनिकल फ्लास्क में लिया जाता है और फिर उसमे neutralized alcohol को मिलाया जाता है |

इस मिश्रण को 5 मिनट  उबाला जाता है, उसके बाद मिश्रण को बाहर निकाला जाता है | उसके बाद उसमे 1 ml phenolphthalein को मिलाया जाता है | और उसे 45° तक ठंडा किया जाता है उसके बाद उसमे potassium hydroxide को मिलाया जाता है|

Total acidity = (56.1x N x V) / W

where N = normality of KOH
           V = volume of KOH
          W = mass of sample in grams

अगर acidity 0.5 से 1 mg.KOH /gr हो तो आयल को reconditioned किया जासकता है,अगर इसके ऊपर जो तो आयल को reject किया जाता है |

Transformer oil testing question and answer :-

Q. The rate of rising of voltage in transformer oil test kit generally will be at the speed of
Answer:-  2kV per second.
Q. Transformer oil name in Hindi (ट्रांसफार्मर आयल नाम हिंदी में ):-
Answer :- Minaral oil (खनिज तेल) या फिर Synthetic oil (कृत्रिम तेल )का इस्तेमाल किया जाता है
Q. The pot in the transformer oil testing kit is made from? (ट्रांसफार्मर आयल टेस्टिंग किट किस मटेरियल से बना होता है ?)
Answer:- Transparent glass ( यह टेस्ट सेल पारदर्शी ग्लॉस से बना होता है | )

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तो दोस्तों आज हमने Transformer oil testing in Hindi आर्टिकल में ट्रांसफार्मर आयल के बारेमे जाना और साथी साथ उसका इस्तेमाल और उसकी जाँच  तरह से की जाती है वह देखा |

इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए धन्यवाद आशा है की आपको पोस्ट पसंद आयी होगी आपको कुछ नया सीखने को मिला होगा, अगर पोस्ट पसंद आया तो कमेंट करके जरूर बताना और कुछ सुझाव हो तो भी कमेंट बॉक्स जरूर लिखना

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नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

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