circuit breaker in Hindi | circuit breaker kya hai

0
606

Circuit breaker in hindi, circuit breaker क्या है ? और कैसे काम करता है इसके बारेमे हम आज इस आर्टिकल में जानेंगे | साथी साथ tyeps of  circuit breaker जैसे की oil circuit  breaker , air-blast circuit ब्रेकर sf 6 circuit ब्रेकर और उनका उपयोग कहा पर किया  जाता है उसके बारेमे जानेंगे तो चलिए सुरु करते है |

circuit breaker in hindi | circuit breaker kya hai
Circuit breaker in Hindi

जब पॉवर station पर किसी काम करने की जरुरत होती है तब कुछ circuits को जैसे की transmission  lines, distributors या फिर generating plants को  बंद चालू करना महत्वपूर्ण काम होता है | पुराने ज़माने में circuit को ब्रेक करने के लिए fuse और switches का इस्तेमाल किया जाता था |

फ्यूज और स्विच का इस्तेमाल करने में कुछ नुकसान है जैसे की जब फ्यूज उड़ जाता है मतलब फ्यूज एलिमेंट पिघल जाता है तब उसे  बदलने के लिए कुछ  लगता है और साथी साथ फ्यूज हैवी फॉल्ट करंट को संभाल नहीं पता है | इन्ही करने के वजह से फ्यूज या स्विच का इस्तेमाल  जाता है |

Circuit breaker in hindi? (सर्किट ब्रेकर क्या है ?) :-

circuit breaker एक ऐसा यंत्र है जो normal condition में हाथ से याने manualy या फिर remote control  से संचालित है | और जब किसी प्रकार का फॉल्ट उत्पन्न होता है तब automaticaly संचालित होता है | फॉल्ट उत्पन्न होने पर सर्किट ब्रेकर को manualy या फिर remote से भी संचालित किया है.

Operating principle of  circuit breaker (सर्किट ब्रेकर का कार्य सिद्धांत ) :-

circuit breaker में आम तौरपर एक स्थिर और एक हिलने वाला याने मूविंग contact होता है उन्हें electrodes  कहा है | नार्मल कंडिशन मे यह कॉन्टेक्ट्स closed याने बंद होते है, जब तक कोई fault उत्पन्न नहीं होता तब तक यह automatically ऑपरेट नहीं होते है याने open नहीं होते है | लेकिन जब जरुरत पड़ती है तब यह manualy याने हाथ से ऑपरेट किये जा सकते है |

जब दोनों साइड के किसी भी हिसे में फाल्ट उत्पन्न होता है तब circuit breaker की trip coils energised हो जाती है और जो मूविंग पार्ट होता है वह contact से अलग हो जाता है और उसकी वजह से circuit open हो जाता है |

fault condition में जब कॉन्टेक्ट्स एक दूसरे से अलग है तब उन कॉन्टेक्ट्स के बिच में arc उत्पन्न हो जाती है | इस condition में जब तक contacts पूरी तरह से उचित दुरी तक नहीं जाते तब तक करंट गुजरता रहता है| यह arc बोहोत ज्यादा गर्मी याने heat उत्पन्न कराती है और यह heat पुरे सर्किट ब्रेकर को नुकसान पहुचा सकती है |

circuit breaker in hindi | circuit breaker kya hai
circuit breaker in hindi

Classification of  circuit breaker (सर्किट ब्रेकर के प्रकार ):-

circuit breaker कितने प्रकार के होते है ? (Types of circuit breaker in Hindi ?) बोहोत सरे तरीके है जिनकी मदत से हम सर्किट ब्रेकर का वर्गीकरण याने classification कर सकते है, लेकिन आमतौर पर जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है वह है arc extinction का medium कोनसा है याने अर्क को काम करने का माध्यम कोनसा है| इसमें oil (तेल ), air (हवा), sulpher hexafluoride (SF6) और vacuum यह medium होते है | सर्किट ब्रेकर के प्रकार :-

१) Oil circuit breaker (तेल सर्किट ब्रेकर )
२) Air-blast circuit breaker (वायु विस्फाेट सर्किट ब्रेकर )
३) Sulpher hexafluoride (SF6) circuit breaker (सल्फर हेक्साफ्लोराइड सर्किट ब्रेकर)
४) Vacuum circuit breaker (निर्वात सर्किट ब्रेकर)

1) Oil circuit breaker (तेल सर्किट ब्रेकर):-

इसमें arc को काम करने के लिए oil याने तेल का इस्तेमाल किया जाता है | जब arc उत्पन्न  होती है तब वहा एक धमाका होता है और hydrogen गैस का गोला बन जाता है ,सर्किट ब्रेअके के दोनों कॉन्टेक्ट्स oil में ही  होते है |

जब arc उत्पन्न होती है तब उस वक्त heat याने गर्मी भी बढ़ जाती है और उसकी वजह से contacts के आजु बाजु का oil evaporates हो जाता है उसकी वजह से वह पर गैस उत्पन्न हो जाती है, वह hydrogen gas होती है और वो high pressure पर होती है |

Oil circuit breaker में arc बुझने दो कारण है, पहला यह है की hydrogen गैस की heat conductivity ज्यादा है उसकी वजह से arc ठंडी हो जाती है|  दोनों contacts के बिच में de-ionisation medium बन जाता है | दूसरा यह है की गैस की वजह से oil में turbulance बन  जाता है  contacts के बिच में उसकी वजह से arc पाथ में से arching products हट जाते है |

Types of oil circuit breakers:-

1) Bulk oil circuit breakers
      a) Plain break oil circuit breaker
      b) Arc control oil circuit breaker
          i ) Self-blast oil circuit breaker
         ⅱ ) Forced-blast oil circuit breaker
2) Low oil circuit breaker

2) Air-blast circuit breaker (वायु विस्फाेट सर्किट ब्रेकर ):-

Air-blast circuit breaker में उच्च दबाव वाली हवा को quenching medium में इस्तेमाल किया जाता है, एयर ब्लास्ट की वजह से अर्च ठंडी हो जाती है और अर्क को atmosphere में भेज देती है |

इस सर्किट ब्रेकर में moving contacts और fixed contacts याने की हिलने वाले कॉन्टेक्ट्स और स्थिर कॉन्टेक्ट्स होते है | और Air reservoir होता है उसमे high pressure याने उच्च दबाव पर हवा भरी होती है|

 arching chember में arc उत्पन्न होती है और high प्रेशर हवा की मदद से arc बुझ जाती है | Air reservoir और arching chamner के बिच में Air valve जुड़ा होता है ताकि valve खुलने के बाद बोहोत तेजी से हवा arc को बहार ले जा सके | 

Types of Air-Blast circuit breaker:-

1) Axial-blast Air-Blast circuit breaker

2) Cross-Blast Air circuit breaker

3) Radial-Blast air circuit breaker

3) Sulpher hexafluoride (SF6) circuit breaker (सल्फर हेक्साफ्लोराइड सर्किट ब्रेकर)

इसमें Sulpher hexafluoride (SF6) गैस का इस्तेमाल किया जाता है जो arc quenching medium का काम करती है | इसका arc time बोहोत काम होता है ,और इसकी dieletric strenght भी दो से तीन  गुना ज्यादा होती है हवा के मुकाबले |

इस सर्किट ब्रेकर में दो कॉन्टेक्ट्स sf6 के उच्च दबाव पर खुलते है और उनके बिच में arc उत्पन्न होती है| arc में उपस्थित free electrons को गैस अवशोषित याने capture कर लेती है ताकि स्थिर नेगेटिव आयन को बना सके| conducting electrons की काम होने की वजह से arc काम हो जाती है और फिर बुझ जाती है | sf6 circuit breaker का  अच्छे से इस्तेमाल high power और high voltage सर्विसेस में किया जाता है | 

4) Vacuum circuit breaker (निर्वात सर्किट ब्रेकर) :

इसमें वैक्यूम का इस्तेमाल किया जाता है arc quenching के लिए, वैक्यूम में insulation strength ज्यादा होती है और इसमें arc को ठंडा करने की क्षमता दूसरे medium से ज्यादा होती है | साथी साथ इसमें आग लगाने  खतरा भी नहीं रहता है, और इसकी life भी ज्यादा  होती है | इनका इस्तेमाल 22 kV से लेकर 66 kV तक किया जता है |
आज हमने इस लेख में circuit breaker क्या होता है और कितने प्रकार कोनसे है  इसके बारेमे जानने की कोशिश की है, आशा है की आपको यह लेख पसंद आया होगा और कुछ जानकारी  मिली होगी, अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो कमेंट में जरूर बताना और fceboook पर अपने दोस्तों को जरूर शेयर करना धन्यवाद |
Advanatges of circuit breaker (सर्किट ब्रेकर के फायदे)
यह भी पढ़े:-
 
Previous articleFuse in hindi | Fuse kya hai puri janakari
Next articleSF6 circuit breaker in hindi | SF6 सर्किट ब्रेकर क्या है ?
नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here