What is multimeter in hindi ? | मल्टीमीटर क्या हैं पूरी जानकारी

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तो दोस्तों आज के multimeter in hindi इस आर्टिकल में मल्टीमीटर क्या होता है, multimeter use in hindi, multimeter kaise use karen, इसका इस्तेमाल कहा पर किया जाता है, इसके फायदे और कुछ नुकसान भी जानेंगे।

What is a multimeter in Hindi (मल्टीमीटर क्या है ?) :-

Definition:- multimeter is an electrical device that is used to measure ac voltage, dc voltage, ac current, dc current, resistance, diode, thyristor and to measure resistance at several specific ranges.

 Multimeter (मल्तिटेस्टर) को VOM (Volt-Ohm-Milliammeter) भी कहा जाता है। मल्टीमीटर एक इलेक्ट्रिकल उपकरण है जिसका इस्तेमाल करके हम प्रत्यावर्ती धारा (AC current), एकदिश धारा (direct current), एकदिश वोल्टेज (dc voltage), प्रत्यावर्ती वोल्टेज (ac voltage), Thyrister, diode, और निरंतरता याने की Continuity की जाँच कर सकते है।

Multimeter एक छोटा यंत्र है इस खासियत की वजह से मल्टीमीटर को किधर भी ले जाना आसन है। उसके साथ ही हम multimeter में बोहोत सारे इलेक्ट्रिकल मूल्य की जाँच कर सकते है और इसकी बनावट भी मजबूत होती है।

इसका इस्तेमाल ज्यादातर इलेक्ट्रिकल उपकानो को रख रखाव याने Maintenance और समय समय पर रीडिंग्स लेने के लिए किया जाता है साथी साथ Electrical दोष याने (electrical fault) को खोजने के लिए किया जाता है। मल्टीमीटर की कीमत बोहोत कम होती है याने 300/ रुपये से सुरु होती है लेकिन जो Multimeter प्रयोगशाला में इस्तेमाल किये जाते है उनकी कीमत बोहोत ज्यादा होती है क्यूंकि उनकी सतिकता (accuracy) भी बोहोत ज्यादा होती है।

अगर resistance बोहोत ज्यादा हो तो उसे मापने के लिए megger का इस्तेमाल किया जाता है |

Multimeter का अविष्कार :-

पहले current-detecting यंत्र को 1820 में बनाया गया था जिसका नाम galvanometer था और इसका पॉइंटर move करता था। इसमे Wheatstone bridge का इस्तेमाल करके resistance और voltage को मापा जाता था। लेकिन इस यंत्र के कुछ नुकसान होते थे जैसे की यह बोहोत धीमा था और इसका आकार भी बोहोत बड़ा था।

मल्टीमीटर बनाने का श्रेय ब्रिटिश पोस्ट ऑफिस इंजिनियर Donald macadie को दिया जाता है। इसका अविष्कार रेडियो रिसीवर के तौर पर 1920 में किया गया था | Donald macadie ने जिस यंत्र का अविष्कार किया था उसकी मदद से वोल्ट, एम्पेयर और ohm को माप सकते थे | इसलिए इस यंत्र को Avometer कहा गया था |

Connecting Probes conection(जांच तार किस प्रकार जोड़े)

मल्टीमीटर से इलेक्ट्रिकल मूल्य नापने के लिए बोहोत सारे प्रकार के तार का इस्तेमाल कर सकते है जैसे की crocodile clips, retractable hook clips, और pointed clips ज्यादातर इन तिन clips का इस्तेमाल किया जाता है|
 

How to use multimeter in hindi ( मल्टीमीटर का इस्तेमाल कैसे करे ):-

जैसे की निचे दिखाए चित्र में हम देख सकते है की डिजिटल multimeter किस तरह दिखता है उसपे कहा पर किस तरह की मार्किंग होती है ये देख सकते है | Connecting probes कहा पर लगायी जाती है वो भी देख सकते है |

What is multimeter in hindi ? | मल्टीमीटर क्या हैं पूरी जानकारी
What is multimeter in hindi 

Analog multimeter का आकार थोडा बड़ा होता इसके कारन digital multimeter का इस्तेमाल बोहोत ज्यादा किया जाता है | 

Multimeter का इस्तेमाल करते समय आपको कुछ बातो का ध्यान रखना होगा मतलब अगर आपको AC voltage को मापना है तो पहले selecting डायल को AC वोल्टेज वाले क्षेत्र में रखना होगा उसके बाद ही pointer clips को सप्लाई में जोड़ना होगा अगर आपको वोल्टेज की रेंज को बदलना हो तोभी पहले clips को निकल ले उसके बाद फिर से clips को सप्लाई में लगाये |

तो चलिए निचे देखते है की किस तरह मल्टीमीटर कैस्तेमल करके हम AC voltage, DC voltage, Resistance, Continuty, किस तहर check की जाती है वह देखते है |

AC Voltage :-

AC voltage को मापने के लिए हमें दो रेंज मिलती है एक 200v और 750v |अगर आपको 200 वोल्टेज के निचे का वोल्टेज मापना है तो pointer को 200 v पर रखना होगा मतलब सप्लाई में 200 वोल्ट के निचे कितना वोल्टेज है वह 7 सेगमेंट डिस्प्ले पर दिखाई देगा |

लेकिन अगर हमें घर के अन्दर कितना वोल्टेज आ रहा है वह check करना है तो pointer को 750 v पर रखना होगा क्यू की घर में आने वाला वोल्टेज 200 v से ज्यादा ही होता है | अगर डिस्प्ले का कुछ आंकड़े नहीं दिख रहे है इसका मतलब कम वोल्टेज आ रहा है इसलिए pointer को 200 पर लाकर फिरसे वोल्टेज को मापना होगा |

इसमे टर्मिनल को देखने की जरुरत नहीं होती है, किसी भी प्रोबे को कोनसे भी टर्मिनल में लगा सकते है |

DC Voltage :-

DC वोल्टेज को मापने के लिए हमें अब pointer को dc वोल्टेज वाले क्षेत्र में ले जाना होगा | इसकी मदद से हम 200m से लेकर 1000 वोल्ट तक का dc वोल्टेज माप सकते है | 

Dc वोल्टेज को मापते समय यह बात ध्यान रखनी होती है की आप कितना वोल्टेज मापने जा रहे है उसका थोडासा अंदाजा होना जरुरी होता है क्यू की अगर आप कम वोल्टेज माप रहे हो और pointer को ऊपर वाली वैल्यू पर लगाया है तो डिस्प्ले पर कोई भी मात्रा दिखाई नहीं देगी | अगर आपको 6 वोल्ट को मापना है तो pointer को 20 v के ऊपर रखना होगा |

DC voltage को मापते समय probes का भी ध्यान देना जरुरी होता है positive probe को सप्लाई के positive terminal पर जोड़े और negative probe को negative सप्लाई पर जोड़े |

Ampere:-

करंट को मापने के लिए अब pointer को ampere वाले हिस्से में ले जाना होगा वहा पर हमें कुछ रेंज मिलती है जिसमे हम करंट को माप सकते है | ampere मापने के लिए multimeter को सीरीज में लगाना पड़ता है |

अगर आपके पास clamp meter है तब आप बिना किसी तार को multimeter के डायरेक्ट कांटेक्ट में आये बिना करंट को माप सकते है |

Resistance:-

हमें  रंग के तार को multimeter में  VΩmA में लगाना है और जो दूसरा common याने काले रंग का तार COM में लगाना है | और multimeter का pointer resistance वाले क्षेत्र में रखके आप resistance माप सकते है |

Resistance को मापना बोहोत ही आसान है probe के दो pointer को रेसिस्टर के होनो सिरों पर लगाना होगा यहाँ पर भी हमें कितने resistance का रेसिस्टर लगा रहे है उसी हिसाब से multimeter पर रेंज को सेलेक्ट करना होगा |

Continuity:-

Continuity का मतलब होता है निरंतरता, इसका इस्तेमाल सर्किट की continuity check करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | अगर कही पर तार कट गया है तो आप इसकी मदद से पता लगा सकते है |

इसके लिए हमें pointer को conyinuity वाले जगह पर लाना होगा उसके बाद प्रोब के दोनों सिरों को तार के दोनों सिरों पर लगाना होगो अगर तार बिच में टूटी नहीं है तो multimeter में से बीप की आवाज आएगी, अगर तार बिच में टूटी हो तो आवाज नहीं आएगी|

इसकी मदद से हम डायोड को भी check कर सकते है की वह अच्छा है की ख़राब हो चूका है |

यह भी पढ़े :- Circuit breaker क्या होता है ?

Price of multimeter (मल्टीमीटर का मूल्य किताना होता है? ) :-

 मल्टीमीटर का मूल्य कम होता है याने की 300 rs से चालू होता है| लेकिन उनकी accuracy थोड़ी कम होती है| और सेफ्टी के हिसाब हे भी वोह इतने अच्छे नहीं होते| कम कीमत वाले मल्तिमीटर कम टिकाऊ होते है| accuracy के हिसाब से मल्टीमीटर का cost बढ़ता जाता है| 

Multimeter का cost 300 rs से लेकर 20000 rs तक हो सकती है |

जो मल्टीमीटर प्रयोगशाला में इस्तेमाल किये जाते है उनका मूल्य बोहोत ज्यादा होता है हो इसलिए की उनकी accuracy बोहोत ज्यादा होती है|

मल्टीमीटर के प्रकार (Types of Multimeter) :-

  1.  Analog Multimeter (अनुरूप मल्टीमीटर)
  2.  Digital Multimeter (डिजिटल मल्टीमीटर)
  3.  Digital Clamp Meter (डिजिटल क्लैंप  मीटर)
  4.  Fluke Digital Multimeter(फ्लुके डिजिटल मल्टीमीटर)
  5.  Auto ranging Multimeter(औटोरेंजिंग डिजिटल मल्टीमीटर)

मल्टीमीटर के उपयोग(Uses of Multimeter):-

  1.  Voltage Measurement AC and DC ( प्रत्यावर्ती धारा और एकदिश वोल्टेज मापने के लिए)
  2. Current Measurement AC and DC ( प्रत्यावर्ती और एकदिश करंट मापने के लिए)
  3. Resiatace Measurements ( इलेक्ट्रिकल प्रतिरोध मापने के लिए )
  4. Continuty checker( निरंतरता मापने के लिए)
  5. Thyrister value( थायरिस्टर मापने के लिए)
  6. Diode check( डायोड मापने के लिए)
  7. DC motor में या AC motor कितना वोल्टेज करंट जा रहा है उसका पता लगाना |

मल्टीमीटर के फायदे (Advantages of Multimeter):-

  1. Compact in size ( इसका आकार छोटा होता है|)
  2. High Accuracy ( इसकी सतिकता ज्यादा होती है बैटरी के बदलने से वैल्यू पर कोई फरक नहीं पड़ता है |)
  3. It has auto  polarity functions (इसमें ऑटो पोलरिटी फ़ंक्शंस हैं)
  4. Measures AC and DC both ( इसमे ac और dc दोनों को माप सकते है )
  5. Simple in use (इस्तेमाल करने में आसान)
  6. इसमे automatic डिस्प्ले होता है |
  7. इसमे मापे जाने वाली मात्रा को स्टोर कर सकते है और कंप्यूटर में भेज सकते है |
  8. इसकी बनावट मजबूत होती है |
  9. इसको zero पर सेट करने की जरुरत नहीं होती है 
  10. इसके रेंज को हम manualy और automatic तरह से बदल सकते है |

Diasadvatages of multimeter ( मल्टीमीटर के नुकसान) :-

  1.  Expensive (इसकी कीमत ज्यादा होती है |)
  2. Used as manufacture measurement range (उत्पादक ने बनाये मापदण्ड में ही इस्तेमाल कर सकते है|)
  3. If voltage limitatition crosed damages multimeter (वोल्टेज  मापदण्ड के ऊपर जानेपर मल्तिमीटर ख़राब हो सकता है|)
  4. LCD disp lay depends on battery (LCD डिस्प्ले बैटरी के ऊपर निर्भर होता है|)
  5. इसमें ac वोल्टेज को मापने के लिए कुछ सीमा होती है | 

Questions and Answer related to Multimeter ( मल्टीमीटर से जुड़े प्रश्न उत्तर ) :-

What is multimeter used for ? ( मल्टीमीटर का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है ?)

Multimeter एक ऐसा इलेक्ट्रिकल यंत्र है जिसका इस्तेमाल करके दो या दो से अधिक इलेक्ट्रिकल मात्रा का पता लगाया जाता है जैसे की ( AC,DC voltage, current, resistance, )

What are the two types of a multimeter?

Analog और Digital multimeter 

What are parts of a multimeter? ( Multimeter में कोनसे भाग है ?)

Range selector knob, seven-segment display, connecting probes.

Multimeter price ? ( मल्टीमीटर के कीमत कितनी होती है ?)

मल्टीमीटर की कीमत 300 rs  से लेकर 20000 rs तक हो सकती है | 

What is the definition of a multimeter? ( मल्टीमीटर की परिभाषा क्या है ?)

 Definition:- multimeter is an electrical device that is used to measure ac voltage, dc voltage, ac current, dc current, resistance, diode, thyristor and to measure resistance at several specific ranges.

What battery does used in multimeter ( मल्टीमीटर में कोनसे बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है ?)

9-volt battery

यह भी पढ़े:-

इस what is a multimeter in Hindi  पोस्ट में हमने देखा की, types of multimeter, uses of multimeter, advantages, and disadvantages of the multimeter, अगर आपको यह multimeter चाहिए तो आप आसानी से फ्लिपकार्ट या अमेजोन से मंगवा सकते हो 

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगे तो share जरूर करना और इस article में कुछ सलाह या फिर कुछ सुझाव हो तो कमेंट section में जरूर लिखना |

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नमस्ते दोस्तों Electrical dose इस ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में आपका स्वागत है | इस वेबसाइट में हम आपको इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स के बारेमे बोहोत सारी अछि महत्वपूर्ण,और उपयोगी जानकारी जानकारी देते है. मैंने इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी याने electrical engineering में diploma और Bachelor of engineering की है मुझे इलेक्ट्रिकल के बारेमे थोड़ी बोहोत जानकारी है, इसी लिए मैंने यह तय कर लिया की इस क्षेत्र में ब्लॉग बनाऊ और थोड़ी बोहोत जानकारी आपतक पहुचाऊ |

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